सर्च न्यूज: सच के साथ: मध्य पूर्व में जारी ईरान युद्ध और Strait of Hormuz में बढ़ते तनाव का असर अब भारत की जनता पर भी दिखाई देने लगा है। केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी है। इसके साथ ही कई शहरों में CNG के दाम भी बढ़ाए गए हैं, जिससे आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है।
नई दरों के अनुसार दिल्ली में पेट्रोल करीब ₹97.77 प्रति लीटर और डीजल ₹90.67 प्रति लीटर पहुंच गया है। मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों में भी ईंधन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार का कहना है कि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल और तेल आपूर्ति बाधित होने के कारण यह फैसला लेना पड़ा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले कई हफ्तों से सरकारी तेल कंपनियां पुराने रेट पर ईंधन बेचकर भारी नुकसान झेल रही थीं। ईरान युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं, जिससे भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर दबाव बढ़ गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्ट, सब्जियों, खाने-पीने की वस्तुओं और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। विपक्ष ने इस फैसले को आम जनता पर “महंगाई का नया वार” बताया है, जबकि सरकार इसे वैश्विक संकट के बीच जरूरी कदम बता रही है।