एक तस्वीर ने खत्म की थी भारत की सबसे बड़ी तलाश
साल 1978 का चर्चित रंगा-बिल्ला मामला एक बार फिर चर्चा में है। नई वेब सीरीज़ ‘राख’ के आने के बाद इस सनसनीखेज अपराध और उससे जुड़ी जांच की कहानी लोगों की दिलचस्पी का केंद्र बन गई है। यह वही मामला है जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था और दो मासूम बच्चों, गीता और संजय चोपड़ा की हत्या ने देशभर में आक्रोश पैदा कर दिया था।
इसी दौरान एक युवा क्राइम रिपोर्टर ने बिल्ला की फरारी की खबर प्रकाशित कर दी, जिससे मामला राष्ट्रीय सुर्खियों में आ गया। बाद में अखबार में छपी बिल्ला की एक तस्वीर जांच एजेंसियों के लिए अहम सुराग साबित हुई। बताया जाता है कि यही तस्वीर देशभर में फैली और लोगों को उसकी पहचान करने में मदद मिली। आखिरकार यह तस्वीर उसकी गिरफ्तारी का सबसे बड़ा हथियार बन गई और लंबे समय से चल रही तलाश को समाप्त कर दिया।
रंगा-बिल्ला केस भारतीय अपराध इतिहास के सबसे चर्चित मामलों में गिना जाता है। इस मामले ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए, बल्कि मीडिया की भूमिका को भी नई पहचान दी। आज, करीब पांच दशक बाद भी यह कहानी इस बात का उदाहरण मानी जाती है कि एक पत्रकारिता रिपोर्ट और एक तस्वीर किस तरह देश की सबसे बड़ी मानव-शिकार (मैनहंट) कार्रवाई को निर्णायक मोड़ दे सकती है।
