June 22, 2026

एक तस्वीर ने खत्म की थी भारत की सबसे बड़ी तलाश

Ranga-Birla-Reporters-Diary-Hero-Image

साल 1978 का चर्चित रंगा-बिल्ला मामला एक बार फिर चर्चा में है। नई वेब सीरीज़ ‘राख’ के आने के बाद इस सनसनीखेज अपराध और उससे जुड़ी जांच की कहानी लोगों की दिलचस्पी का केंद्र बन गई है। यह वही मामला है जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था और दो मासूम बच्चों, गीता और संजय चोपड़ा की हत्या ने देशभर में आक्रोश पैदा कर दिया था।

घटना से कुछ महीने पहले मुंबई में अपराध जगत का एक नाम तेजी से उभर रहा था— बिल्ला। चोरी, लूटपाट और युवाओं को निशाना बनाने जैसी वारदातों के कारण वह पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुका था। अप्रैल 1978 में गिरफ्तारी के बाद वह मुंबई क्राइम ब्रांच की हिरासत से नाटकीय ढंग से फरार हो गया। उस समय उसकी फरारी पुलिस व्यवस्था के लिए बड़ी शर्मिंदगी बन गई और उसकी तलाश देशभर में शुरू कर दी गई।

इसी दौरान एक युवा क्राइम रिपोर्टर ने बिल्ला की फरारी की खबर प्रकाशित कर दी, जिससे मामला राष्ट्रीय सुर्खियों में आ गया। बाद में अखबार में छपी बिल्ला की एक तस्वीर जांच एजेंसियों के लिए अहम सुराग साबित हुई। बताया जाता है कि यही तस्वीर देशभर में फैली और लोगों को उसकी पहचान करने में मदद मिली। आखिरकार यह तस्वीर उसकी गिरफ्तारी का सबसे बड़ा हथियार बन गई और लंबे समय से चल रही तलाश को समाप्त कर दिया।

रंगा-बिल्ला केस भारतीय अपराध इतिहास के सबसे चर्चित मामलों में गिना जाता है। इस मामले ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए, बल्कि मीडिया की भूमिका को भी नई पहचान दी। आज, करीब पांच दशक बाद भी यह कहानी इस बात का उदाहरण मानी जाती है कि एक पत्रकारिता रिपोर्ट और एक तस्वीर किस तरह देश की सबसे बड़ी मानव-शिकार (मैनहंट) कार्रवाई को निर्णायक मोड़ दे सकती है।