गुरु ही अज्ञानता का अंधेरा दूर कर हमें प्रकाश की ओर ले जाते हैं
● डीबीएमएस कॉलेज में छात्रों के लिए प्रेरक सत्र, चेन्नई से आये वक्ता सीकेवी रमण
जमशेदपुर : डीबीएमएस कॉलेज ऑफ एजुकेशन के आईक्यूएसी द्वारा बी.एड छात्रों के लिए प्रेरक सत्र का आयोजन किया गया, जिसका संचालन चेन्नई से आये वक्ता सीकेवी रमण ने किया. वक्ता ने छात्रों को संबोधित किया और शिक्षण के महान पेशे के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया. उन्होंने शिक्षकों की भूमिकाओं के साथ आनेवाली जिम्मेदारी को स्वीकार किया, समाज को आकार देने और भावी पीढ़ियों का मार्गदर्शन करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया. सत्र का उद्देश्य इच्छुक शिक्षकों को न केवल शिक्षक के रूप में बल्कि बेहतर व्यक्ति के रूप में विकसित होने के लिए प्रेरित करना था. वक्ता ने दर्शकों को गुरु के वास्तविक अर्थ की याद दिलाई, जो अज्ञानता के अंधेरे को दूर करता है और दूसरों को ज्ञान और आत्मज्ञान की ओर ले जाता है.
चर्चा में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि एक शिक्षक छात्रों को जो सबसे बड़ा उपहार दे सकता है वह है ज्ञान का अमूल्य और चिरस्थायी खजाना. यह एक ऐसा खजाना है, जो जीवन भर उनके साथ रहता है. उन्होंने कहा कि विद्या ऐसा धन है जो न चोर चुरा सकता है न राजा उसे छीन सकता है न भाई उसका बंटवारा कर सकता है. विद्या का धन सदा बढ़ता जाता है. उन्होंने चाणक्य नीति, यक्ष-युधिष्ठिर संवाद द्वारा शिक्षार्थी और शिक्षा के महत्व को बताया. श्री रमण ने छात्रों के प्रश्नों का भी उत्तर दिया. इस अवसर पर कॉलेज की संरक्षिका भानुमती नीलकंठन, अध्यक्ष डॉ.बी.चंद्रशेखर, सचिव श्रीप्रिया धर्मराजन, सह-सचिव सुधा दिलीप, प्राचार्या डॉ.जूही समर्पिता एवं उप-प्राचार्या डॉ. मोनिका उप्पल सहित सभी शिक्षकगण एवं कर्मचारी उपस्थित थे.
