Hazaribagh Ram Navami Jhanki Accident : हजारीबाग के रामनवमी जुलूस में हादसों व करतबों के बीच 4 की मौत, 350 से अधिक घायल, प्रशासन के दावे फेल
Hazaribag Ram Navami Jhanki Accident
Hazaribag : हजारीबाग का विश्व प्रसिद्ध रामनवमी जुलूस शनिवार देर शाम से पूरी भव्यता के साथ जारी है, लेकिन इस उत्सव के बीच हृदयविदारक खबरें भी सामने आ रही हैं। 107 अखाड़ों के इस विशाल समागम में अब तक विभिन्न हादसों में चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग साढ़े तीन सौ लोगों के जख्मी होने की सूचना है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स (RIMS) रेफर किया गया है। भारी सुरक्षा और सीसीटीवी निगरानी के बावजूद इस बार का उत्सव बिजली और पानी की भारी किल्लत के कारण प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
करतबों के दौरान हुई दुर्घटनाएं
जुलूस की प्रगति के साथ-साथ बड़ी बाजार थाना प्रभारी पंकज कुमार ने पुष्टि की है कि अब तक घायलों की संख्या साढ़े तीन सौ के पार पहुँच चुकी है। पुलिस के अनुसार, ये घटनाएं मुख्य रूप से अखाड़ों में पारंपरिक हथियारों और खेल के करतब दिखाने के दौरान हुई हैं। पुलिस प्रशासन अब उन कारणों और दोषियों को चिह्नित करने में जुटा है जिनकी लापरवाही से ये मौतें और चोटें आई हैं। जुलूस में सवा लाख से अधिक लोगों की भीड़ उमड़ी है, जिससे स्थिति को संभालना प्रशासन के लिए कठिन साबित हो रहा है। प्रशासन ने बिछड़े हुए बच्चों को उनके परिजनों से मिलाने के लिए ‘खोया-पाया’ स्टॉल भी लगाए हैं, जहाँ कई बच्चों को सुरक्षित उनके घर वालों के सुपुर्द किया गया।
निगरानी के बीच बिजली-पानी की व्यवस्था ध्वस्त
हजारीबाग के इस विशाल जुलूस पर डीआईजी, डीसी और एसपी सहित जिले के आला अधिकारी पैनी नजर बनाए हुए हैं। जामा मस्जिद के पास बनाए गए विशेष मंच से सीसीटीवी के जरिए हर गतिविधि की निगरानी की जा रही है। हालांकि, प्रशासनिक चाक-चौबन्द के दावों के उलट शहर की बुनियादी व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। करीब एक महीने से बिजली मेंटेनेंस के नाम पर की गई कटौती का कोई लाभ नहीं दिखा और पिछले 12 घंटों से शहर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप है। बिजली न होने के कारण शहर में जलापूर्ति भी बाधित हो गई है, जिससे जुलूस में शामिल श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
धीमी गति से आगे बढ़ रहे अखाड़े
सुरक्षा और निगरानी के बीच जुलूस की गति काफी धीमी बनी हुई है। ताज़ा जानकारी मिलने तक, कुल 107 अखाड़ों में से केवल 27 जुलूस ही जामा मस्जिद के मुख्य मार्ग को पार कर पाए हैं। हर अखाड़ा अपनी निर्धारित गति सीमा के अनुसार आगे बढ़ रहा है। प्रशासन लगातार अखाड़ा समितियों के संपर्क में है ताकि जुलूस को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराया जा सके। लेकिन बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी ने सरकार और जिला प्रशासन के उन दावों की पोल खोल दी है, जो पिछले एक महीने से निर्बाध आपूर्ति का भरोसा दे रहे थे।

