शहीद खुदीराम बोस की जयंती पर शेखर डे ने किया नमन
जमशेदपुर : शहीद खुदीराम बोस की जयंती पर बुधवार को शहर के समाजसेवी एवं श्रीलेदर्स के पार्टनर शेखर डे ने मानगो चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि खुदीराम बोस भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के सबसे कम उम्र के क्रांतिकारियों में शामिल थे, जिन्होंने किशोरावस्था में ही अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष का रास्ता चुन लिया था.
शेखर डे ने कहा कि खुदीराम बोस का जन्म 3 दिसंबर 1889 को पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले के हबीबपुर गांव में हुआ था. बचपन में माता-पिता के निधन के बाद उनकी परवरिश बड़ी बहन ने की. युवा होते ही वे क्रांतिकारी गतिविधियों में सक्रिय हो गए और ब्रिटिश शासन के खिलाफ कई महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में हिस्सा लिया. इसी कारण अंग्रेज हुकूमत ने 11 अगस्त 1908 को मात्र अठारह वर्ष की उम्र में उन्हें फांसी दे दी.
उन्होंने कहा कि शहीद खुदीराम बोस का बलिदान स्वतंत्रता इतिहास का गौरव है और उनका व्यक्तित्व देश के युवाओं के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा. शेखर डे ने अपील की कि युवा उनके आदर्शों से सीख लेकर राष्ट्र के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करें.
