March 17, 2026

शिव कृपा से मोक्ष व सुख-समृद्धि प्रदान करता है पंचाक्षर मंत्र

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हवन व पूर्णाहूति के साथ बिष्टुपुर मारवाड़ी मंदिर में चल रहे शिव महापुराण का विश्राम

जमशेदपुर : बिष्टुपुर सत्यनारायण श्याम मारवाड़ी मंदिर में चल रहे शिव महापुराण कथा के सातवें एवं अंतिम दिन सोमवार को पंचाक्षर मंत्र महिमा का वर्णन और हवन पूर्णाहूति के साथ कथा का विश्राम हुआ. कथावाचक सुदर्शनाचार्य महाराज ने अंतिम दिन के उपदेश में जीवन में बदलाव, शिव भक्ति और चरित्र सुधार पर जोर देते हुए पंचाक्षर मंत्र की महिमा का वर्णन किया. कहा कि यह पांच पवित्र अक्षरों वाला मंत्र (न-पृथ्वी, म-जल, शि-अग्नि, वा-वायु, य-आकाश) पांचों तत्वों को नियंत्रित करता है और शिव कृपा से मोक्ष व सुख-समृद्धि प्रदान करता है. यह मंत्र सबसे प्राचीन और कल्याणकारी माना गया है, जो आरोग्य, सुख और शिव कृपा प्रदान करता है.
सोमवार को कथा सुबह आठ बजे और हवन पूर्णाहूति दोपहर 12.30 बजे हुई. मुख्य यजमान पुष्पा देवी-रामा कांत साह और अंचल-मनीष कश्यप ने पूजा करायी. रोजाना की तरह आज भी काफी संख्या में भक्तगण शामिल होकर कथा का श्रवण किया. सात दिवसीय क्था को सफल बनाने में रामाकांत साह, मनीष कश्यप, महेश कश्यप, पवन प्रसाद, विमल अग्रवाल, गौतम सरायवाला, राहुल अग्रवाल, संकटा सिंह, राम प्रसाद शर्मा, मनीष शर्मा, रवि पटेल, अमित शर्मा, संदीप बरवालिया, अजीत प्रसाद, राजेन्द्र सोनकर, गौरव अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल सहित मित्र कांवड़ संघ टाटानगर संस्था से जुड़े अन्य सदस्यों का योगदान रहा.