Palamu/Jharkhand : झारखंड के पलामू जिले के तरहसी थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज राजदेव महतो हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने 12 दिनों के भीतर सुलझा ली है। जांच में जो सच सामने आया है, वह हैरान करने वाला है। पुलिस के मुताबिक, एक महिला के साथ दो पुरुषों के अवैध संबंधों का राज उजागर होने के डर से 70 वर्षीय बुजुर्ग की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य की तलाश में छापेमारी जारी है।
जंगल में मिला था शव, एसआईटी ने की जांच
घटना का आगाज 2 मार्च को हुआ, जब तरहसी थाना क्षेत्र के कोलकटवा जंगल में सड़क किनारे राजदेव महतो का शव बरामद किया गया। मृतक की पत्नी दुलारी देवी ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए लेस्लीगंज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था।
अवैध संबंध और धमकी बनी हत्या की वजह
पाटन इंस्पेक्टर सुरेश मंडल के नेतृत्व में जब पुलिस ने संदेह के आधार पर गांव की देवन्ती देवी से पूछताछ की, तो परतें दर परत सच सामने आने लगा। देवन्ती ने स्वीकार किया कि तरहसी का सुरेश राम और सेवती का संतोष महतो अक्सर उसके घर शराब पीने आते थे। बुजुर्ग राजदेव महतो को इन संबंधों पर शक था और वे अक्सर उन्हें समाज में बदनाम करने की धमकी देते थे।
इसके अलावा, राजदेव महतो अक्सर बच्चू महतो के भंडार घर के पास बैठते थे और शराब के नशे में उसे भी अपशब्द कहते थे। इसी रंजिश और बदनामी के डर से सुरेश राम, संतोष महतो और बच्चू महतो ने मिलकर बुजुर्ग को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची।
टांगी से वार कर उतारा मौत के घाट, साक्ष्य मिटाने की भी हुई कोशिश
पुलिस के अनुसार, 27 फरवरी की रात एक भोज के बाद बच्चू महतो राजदेव को बहला-फुसलाकर अपने भंडार घर ले गया। वहां तीनों आरोपियों ने मिलकर टांगी से उन पर जानलेवा हमला किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। साक्ष्य मिटाने के लिए उन्होंने शव को पुआल से ढक दिया और जमीन पर गिरे खून वाली मिट्टी को हटाकर वहां नई मिट्टी डाल दी। इसके बाद 1 मार्च की रात को आरोपियों ने शव को खाट पर लादकर जंगल में ले जाकर फेंक दिया।
दो गिरफ्तार, एक अब भी फरार
मले के अनुसंधानकर्ता अनंत कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी बच्चू महतो (55) और संतोष महतो (50) ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई टांगी और शव ढोने वाली खाट बरामद कर ली गई है। तीसरा आरोपी सुरेश राम फिलहाल फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें मनिन्द्र कुमार शर्मा और अनंत कुमार सिंह के नेतृत्व में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।