Jamshedpur Bhumij samaj khushi : जे-टेट में भूमिज भाषा की वापसी से समाज में खुशी
समाज के गण्यमान्यों ने विधायक संजीव के प्रयासों को सराहा
जमशेदपुर : झारखंड अधिविद्य परिषद द्वारा आयोजित होनेवाले शिक्षक पात्रता परीक्षा (जे-टेट) में जनजातीय भाषा ‘भूमिज’ को पुन: शामिल करने के निर्णय से भूमिज समाज में खुशी की लहर दौड़ गई है. उक्त बातें आज तेंतला में आयोजित पत्रकार वार्ता में भूमिज विशेषज्ञ हरिश चंद्र सिंह भूमिज, जुड़ी पंचायत के मुखिया सुकलाल सरदार और भारतीय आदिवासी भूमिज समाज के प्रदेश अध्यक्ष रथु सिंह सरदार ने कही. उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 और 2016 के बाद भूमिज भाषा को जे-टेट से हटा दिया गया था. इस मुद्दे को लेकर पोटका विधायक संजीव सरदार ने लगातार मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और विभागीय अधिकारियों से संवाद व पत्राचार किया. साथ ही विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भी उन्होंने इस विषय को प्रमुखता से उठाया, जिसके परिणामस्वरूप यह निर्णय संभव हो सका.
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि अब भूमिज समुदाय के शिक्षित युवा अपनी मातृभाषा में परीक्षा देकर अपने भविष्य को बेहतर बना सकेंगे. इसके लिए रांची, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों को परीक्षा केंद्र के रूप में नामित किया गया है. इस फैसले से युवाओं में उत्साह का माहौल है और इसे शैक्षणिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. पत्रकार सम्मेलन में सतीश सरदार, मंजु सरदार, रामेश्वर सरदार, अमल सिंह, मनोरंजन सरदार, ईश्वरलाल सरदार, भृगुराम सरदार, अरूप सरदार, कृष्ण सिंह सरदार, विष्णु पद सरदार, सागर सरदार, लाल सरदार, आशीष सरदार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे.
समाज में आभार और सम्मान की तैयारी
भूमिज समाज ने इस उपलब्धि के लिए विधायक संजीव सरदार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आभार जताया है. साथ ही दिवंगत पूर्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. समाज के लोगों ने बताया कि जल्द ही स्वागत एवं आभार यात्रा निकालकर विधायक संजीव सरदार, घाटशिला विधायक सोमेश सोरेन, जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी, विधायक समीर कुमार महंती और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आभार प्रकट किया जाएगा.

