Jamshedpur News : जमशेदपुर प्रखंड कार्यालय में ‘सिस्टम’ के खिलाफ जनप्रतिनिधियों का धरना, भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
Jamshedpur Block Office Protest
Jamshedpur/Jharkhand : लौहनगरी के जमशेदपुर प्रखंड कार्यालय परिसर में मंगलवार को लोकतांत्रिक व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यशैली के बीच का टकराव खुलकर सामने आ गया। प्रखंड प्रमुख, उप-प्रमुख और पंचायत समिति सदस्यों ने प्रशासन पर मनमानी और उपेक्षा का आरोप लगाते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। जनप्रतिनिधियों का सीधा आरोप है कि प्रखंड के अधिकारी और कर्मचारी न केवल प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा दे रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का आरोप
धरने का नेतृत्व कर रहीं प्रखंड प्रमुख पानी सोरेन ने प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल के तीन साल बीत जाने के बाद भी पंचायत समिति सदस्यों (Pansas) की भूमिका को नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रमुख के अनुसार, बीडीओ (BDO) और अन्य अधिकारी जनहित के मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों के सुझावों को ठंडे बस्ते में डाल देते हैं। उन्होंने नवनियुक्त पंचायत सचिवों पर भी सवाल उठाए और कहा कि वे न तो प्रोटोकॉल का पालन करते हैं और न ही विकास योजनाओं की कोई जानकारी साझा करते हैं, जिससे पंचायतों में विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ गए हैं।
प्रमाण पत्र के लिए ‘कमीशन’ का खेल
- प्रदर्शन के दौरान भ्रष्टाचार का मुद्दा सबसे मुखर होकर उभरा। जनप्रतिनिधियों ने गंभीर आरोप लगाया कि प्रखंड कार्यालय में जाति, आय, आवासीय और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के नाम पर खुलेआम रिश्वतखोरी चल रही है।
- भेद-भावपूर्ण कार्यशैली : आरोप है कि जो लोग रिश्वत देते हैं, उनका काम चंद घंटों में हो जाता है, जबकि गरीब ग्रामीणों को हफ्तों तक कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं।
- आम जनता की परेशानी : जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र में जानबूझकर की जा रही देरी के कारण ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
डीसी से शिकायत के बाद भी नहीं बदला रवैया
प्रखंड प्रमुख पानी सोरेन ने बताया कि इन समस्याओं और प्रशासनिक जड़ता के बारे में पहले भी जिले के उपायुक्त (डीसी) को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी 09 सूत्री मांगों पर जल्द ही कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अब और उपेक्षा बर्दाश्त नहीं करेंगे। यदि प्रशासन ने अपना रवैया नहीं बदला, तो आने वाले दिनों में प्रखंड कार्यालय के कामकाज को पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा। धरने पर बैठे सदस्यों का कहना है कि वे जनता के प्रति जवाबदेह हैं और जब तक व्यवस्था पारदर्शी नहीं होती, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
