Jamshedpur Jaya Kishori Pravachan : भजन से संदेश : भगवान अपने भक्त का भार स्वयं उठाते हैं
साकची बोधी मंदिर में चल रहा ‘नानी बाई रो मायरो’ कथा, समापन गुरुवार को
जमशेदपुर : भक्त को भगवान से सीधे जोडऩेवाली ‘नानी बाई रो मायरो’ धार्मिक कथा के दूसरे दिन बुधवार को वक्ता जया किशोरी ने व्यास पीठ से कुमकुम पत्रिका का पहुंचना, नरसी मेहता का अंजार नगर प्रस्थान और श्रीकृष्ण नरसी मेहता मिलन की कथा का वर्णन किया. कथा में नानी बाई की कठिनाई और भगवान पर अटूट विश्वास का वर्णन श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया. जया किशोरी ने कहा कि कुमकुम पत्रिका भेजने की परंपरा के माध्यम से नरसी जी (नानी बाई के पिता) को मायरे (भात) का निमंत्रण दिया गया. कथावाचक ने बताया कि जब नरसी मेहता को यह निमंत्रण मिला, तो उन्होंने बिना किसी सांसारिक चिंता के प्रभु भरोसे अंजार नगर के लिए प्रस्थान किया. इस दौरान भगवान कृष्ण ने स्वयं नरसी मेहता को केदार का राग और तुलसी की माला भेंट की.
कथा में एक प्रसंग यह भी आया कि भगवान कृष्ण ने नरसी जी की बैलगाड़ी स्वयं खाती (बढ़ई) का रूप धारण कर ठीक की और उन्हें अंजार नगर पहुंचाया. जया किशोरी ने भजन ‘गाड़ी में बिठा ले रे बाबा…के माध्यम से यह दर्शाया कि भगवान अपने भक्त का भार उठाते हैं. उन्होंने कहा कि यह कथा भक्तिपूर्ण निश्चल भक्ति, भगवान के अपने भक्त के प्रति प्रेम और विश्वास की शक्ति का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करती है और श्रद्धालुओं को भक्ति मार्ग पर चलने तथा ईश्वर पर पूर्ण विश्वास रखने की प्रेरणा देती है. साकची बोधी मंदिर मैदान में चल रहे कथा का समापन कल, 2 अप्रैल को होगा. कल कथावाचिका नानी बाई एवं नरसी मेहता मिलन, श्री कृष्ण रूकमणी सहित मायरा भरने की कथा का वाचन करेगी. आयोजन को सफल बनाने में राजकुमार चंदूका, राजकुमार संघी, कैलाश सरायवाला, विजय मित्तल, अनिल नरेडी, ललित सरायवाला, अभिषेक अग्रवाल गोल्डी, नवीन पोद्दार, किशन सोंथालिया, अभिषेक भालोटिया आदि का योगदान रहा.

