Jamshedpur Palm Sunday Sandesh : सच्ची आस्था सिर्फ सुख नहीं, बल्कि दु:ख में भी स्थिर रहने में है
पॉम संडे पर मर्सी चैपल में फादर जेरी डिसूजा का प्रवचन
जमशेदपुर : खजूर रविवार (पाम संडे) के अवसर पर मर्सी चैपल में मुख्य अनुस्थाता फादर जेरी डिसूजा ने आत्ममंथन से भरा संदेश दिया. उन्होंने कहा कि खजूर रविवार केवल प्रभु के लिए ऊंची आवाज़ में ‘होसन्ना’ कहने का दिन नहीं है, बल्कि यह उस निष्ठा की परीक्षा है जो हम तब दिखाते हैं जब उनका अनुसरण करना कठिन हो जाता है. उन्होंने बताया कि यह दिन एक नाटकीय यात्रा है जो ‘होसन्ना’ के जयघोष से शुरू होकर ‘उसे क्रूस पर चढ़ाओ’ की पुकार तक पहुंचती है. इस पूरे घटनाक्रम के बीच येसु मसीह शांत, मौन और विश्वासयोग्य बने रहते हैं.
फादर ने कहा कि खजूर रविवार केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि एक आईना है. यह हमें अपने भीतर झांकने का अवसर देता है. जब येसु ने चमत्कार किए, लोगों ने उनका स्वागत किया, लेकिन जब उन्होंने सत्य और त्याग की बात की तो वही भीड़ उन्हें अस्वीकार कर बैठी. फादर डिसूजा ने विश्वासियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सच्ची आस्था केवल सुख के समय नहीं, बल्कि दुख में भी स्थिर रहने में है. येसु ने अपनी महिमा नहीं, बल्कि नम्रता और आज्ञाकारिता को चुना यहां तक कि क्रूस पर मृत्यु तक. उन्होंने कहा कि जब यहूदा ने विश्वासघात किया, शिष्यों ने इंकार किया और भीड़ ने अस्वीकार किया, तब भी येसु प्रेम करते रहे. यही सच्चे प्रेम की पहचान है निस्वार्थ और अडिग. उनके साथ में फ़ादर एडवर्ड सालदन्हा, फ़ादर अरविंद और फ़ादर ऑस्कर होरो भी उपस्थित थे.

