Jharkhand Rickshaw Politics : मंत्री इरफान अंसारी ने चलाया रिक्शा, शिल्पी नेहा तिर्की ने की सवारी, पहुंचे विधानसभा, जानें-क्या है वजह
रिक्शा चला कर विधानसभा जाते मंत्री इरफान अंसारी एवं सवारी करतीं मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की..
- पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ मंत्रियों ने किया अनूठा प्रदर्शन
Ranchi/Jharkhand : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शुक्रवार को राजधानी की सड़कों से लेकर सदन के गेट तक विरोध का एक बेहद अनूठा और चर्चा का विषय बना नजारा देखा गया। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की लक्जरी सरकारी वाहनों को छोड़कर ‘रिक्शे’ से विधानसभा पहुंचे। दिलचस्प बात यह थी कि स्वास्थ्य मंत्री खुद रिक्शा चला रहे थे, जबकि कृषि मंत्री पीछे बैठकर बढ़ती महंगाई के खिलाफ नारेबाजी कर रही थीं।
तख्तियों पर लिखा- पेट्रोल-डीजल की मार, जनता हो रही लाचार
विधानसभा परिसर में जब यह ‘मंत्रियों वाला रिक्शा’ पहुंचा, तो सुरक्षाकर्मियों से लेकर पत्रकारों तक की भीड़ उमड़ पड़ी। कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के हाथों में विरोध की तख्तियां थीं, जिन पर “पेट्रोल-डीजल की मार, जनता हो रही लाचार”, “महंगी गैस-महंगा तेल, आम आदमी हुआ फेल” आदि स्लोगन लिखे थे।
गरीब राज्य पर महंगाई का दोहरा वार : इरफान अंसारी
खुद रिक्शा चलाकर विरोध दर्ज कराने वाले स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने पत्रकारों से बातचीत में केंद्र सरकार पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा, “झारखंड एक गरीब राज्य है और यहाँ के लोग पहले से ही आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बेतहाशा कीमतों ने गरीब परिवारों और विशेषकर महिलाओं की कमर तोड़ दी है। हम इस रिक्शे के जरिए यह संदेश देना चाहते हैं कि आम आदमी अब ईंधन के खर्च वहन करने की स्थिति में नहीं रहा।”
अर्थव्यवस्था और आयात नीतियों पर उठाए सवाल
वहीं, कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने देश की आर्थिक स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए भारी मात्रा में आयात पर निर्भर है, लेकिन गलत आर्थिक नीतियों के कारण घरेलू स्तर पर कीमतें नियंत्रण से बाहर हो रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि महंगाई पर जल्द लगाम नहीं लगाई गई, तो देश की अर्थव्यवस्था पर इसके बेहद गंभीर और दूरगामी दुष्प्रभाव पड़ेंगे।
चर्चा का विषय रहा ‘अनोखा’ विरोध
मंत्रियों के इस प्रदर्शन ने न केवल मीडिया का ध्यान खींचा, बल्कि विधानसभा के गलियारों में भी इसकी काफी चर्चा रही। मंत्रियों ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक दिन का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि जब तक केंद्र सरकार महंगाई कम करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाती, जनहित के मुद्दों पर उनका यह संघर्ष और अलग-अलग तरीकों से विरोध जारी रहेगा।
