झारखंड सरकार ने राज्य में बने अनधिकृत भवनों को नियमित करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने “झारखंड अनधिकृत भवन नियमितीकरण नियमावली 2026” के तहत एक नया ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया है, जिसके जरिए लोग अब घर बैठे अपने भवनों को रेगुलराइज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य वर्षों से लंबित मामलों को तेजी से निपटाना और शहरी विकास व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना है।
नई व्यवस्था के तहत आवेदकों को भवन से जुड़े दस्तावेज, नक्शा और जरूरी जानकारी ऑनलाइन अपलोड करनी होगी। इसके बाद संबंधित विभाग तकनीकी जांच और नियमों के आधार पर निर्णय लेगा। सरकार का कहना है कि इससे लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी और प्रक्रिया में भ्रष्टाचार तथा देरी पर भी नियंत्रण लगेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, राज्य के कई शहरों में बड़ी संख्या में ऐसे मकान और व्यावसायिक भवन मौजूद हैं जो पुराने नियमों या तकनीकी कारणों की वजह से आधिकारिक स्वीकृति नहीं ले पाए थे। नई नीति से ऐसे संपत्ति मालिकों को राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही, सरकार को राजस्व में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
हालांकि अधिकारियों ने साफ किया है कि यह नियम पूरी तरह अवैध निर्माण को बढ़ावा देने के लिए नहीं है। जिन भवनों में सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन होगा या जो सार्वजनिक भूमि पर बने होंगे, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। सरकार का दावा है कि नई डिजिटल प्रणाली से शहरी योजना और भवन प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।