जल संरक्षण को एक संस्कार की तरह अगली पीढ़ी को देने की आवश्यकता
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत, पर्यावरण आयाम की बैठक
जमशेदपुर : “जल संरक्षण में महिलाओं की भूमिका” विषय पर आज कदमा स्थित जय प्रभा कॉम्प्लेक्स में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत, पर्यावरण आयाम की विचार गोष्ठी आयोजित की गई. इसके अंतर्गत जल संरक्षण और प्रबंधन में महिलाओं की भूमिका पर उपस्थित महिलाओं ने अपने विचार रखे. रीना पारितोष ने संगठन मंत्र का वाचन किया, जबकि स्वागत भाषण पर्यावरण आयाम सह प्रमुख वंदना ने दिया.
डॉ अनिता शर्मा ने विषय प्रवेश कराते हुए कहा कि जल संरक्षण आज एक ज्वलंत विषय है. यह तकनीकी या सरकारी प्रयास नहीं बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है और महिलाएं ही इस आंदोलन की आत्मा हैं. जल संरक्षण को संस्कारों में अगली पीढ़ी को देने की आवश्यकता है और महिलाएं ही संस्कारों की वाहिका हैं. रीना पारितोष ने बताया कि कैसे हम छोटे-छोटे प्रयास से पानी की बचत कर सकते हैं. वाशिंग मशीन के कम से कम इस्तेमाल की आदत को विकसित किया जाए. इन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीण महिलाएं किस तरह से कुँए, तालाब जैसे जल के परम्परा गत स्रोतों से जुड़ी है और कैसे इनका संरक्षण कर रही हैं.
रेखा ने बताया कि कैसे महिलाएं घरेलू जल का दोबारा भी प्रयोग कर सकती है. पूर्वी सिंहभूम महिला आयाम प्रमुख प्रीति सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन दिया. कार्यक्रम का संचालन महिला आयाम सह प्रमुख विजय लक्ष्मी ने किया. कार्यक्रम में महिला सदस्य रेखा, मुनी देवी, वंदना, गीता, पीहू, युक्ता, अनिका की सक्रिय भागीदारी रही.
