March 24, 2026

Karim City College Jamshedpur News : करीम सिटी कॉलेज में ‘विश्व मौसम दिवस’ पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आगाज, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता

Karim City College Jamshedpur News

करीम सिटी कॉलेज में 'विश्व मौसम दिवस' पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आगाज, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता

जमशेदपुर : जमशेदपुर के साकची स्थित करीम सिटी कॉलेज में विश्व मौसम दिवस के उपलक्ष्य में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला (National Workshop) का भव्य शुभारंभ हुआ। कॉलेज के रसायन विज्ञान स्नातकोत्तर विभाग (PG Department of Chemistry) द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य विषय ‘जलवायु परिवर्तन’ (Climate Change) रखा गया है। यह आयोजन न केवल शैक्षणिक चर्चाओं तक सीमित है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जलवायु कार्रवाई में व्यक्तिगत व संस्थागत भूमिका के प्रति जागरूकता पैदा करने का एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है।

जलवायु परिवर्तन: कारण, प्रभाव और समाधान पर मंथन

कार्यशाला के पहले दिन विशेषज्ञों ने ग्लोबल वार्मिंग, मौसम की चरम घटनाओं और भविष्य की पर्यावरणीय स्थिरता जैसे ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित पृथ्वी की कल्पना करना कठिन होगा।

मुख्य अतिथि ने कार्बन उत्सर्जन को बताया बड़ा खतरा

अमरावती (महाराष्ट्र) स्थित जी एच रायसोनी विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. तपन कुमार शंकर इस कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने एक प्रभावशाली पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जलवायु परिवर्तन के वैज्ञानिक पहलुओं पर प्रकाश डाला।

डॉ. शंकर ने कहा, “पृथ्वी पर कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) गैस का अत्यधिक उत्पादन ही जलवायु परिवर्तन का मूल कारण है। इसके कारण वैश्विक तापमान में निरंतर वृद्धि हो रही है, जिसका दुष्परिणाम प्राकृतिक आपदाओं और असंतुलित मौसम के रूप में हमारे सामने है।”

दिग्गजों की उपस्थिति और संबोधन

कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रेयाज के स्वागत भाषण से हुई, जिन्होंने अतिथियों, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं का अभिनंदन किया। डॉ. तपन के अलावा अन्य मुख्य वक्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए। इनमें डॉ. मुदिला धनंजय राय (वैज्ञानिक व प्राध्यापक, नेशनल मेटालरजिकल लेबोरेट्री), बसंत शुभांकर (के एस कॉलेज, सरायकेला) एवं डॉ. आले अली (करीम सिटी कॉलेज) शामिल हैं। इन विशेषज्ञों ने विज्ञान और तकनीक के माध्यम से जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के उपायों पर चर्चा की।

छात्रों को मिला शोध व नवाचार के प्रति प्रोत्साहन

यह पूरी कार्यशाला रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. खुर्शीद अनवर की देखरेख में आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम के पहले दिन का समापन को-ऑर्डिनेटर अलीजान हुसैन के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर कॉलेज सचिव डॉ. मोहम्मद ज़करिया और फैकल्टी इंचार्ज डॉ. तुफैल अहमद विशेष तौर पर उपस्थित थे। उन्होंने छात्रों को शोध और नवाचार के प्रति प्रोत्साहित किया। यह कार्यशाला कल शाम तक चलेगी, जिसमें दूसरे दिन विभिन्न सत्रों के माध्यम से जलवायु कार्रवाई की रणनीति तैयार की जाएगी।