‘कोरोना के कारण पूरा नहीं हुआ आर्थिक व सामाजिक सवेक्षण’
विस में उठे सवाल पर सरकार ने दिया जवाब, विधायक पूर्णिमा ने बताया हास्यास्पद
जमशेदपुर : ओबीसी आरक्षण को लेकर सरकार कितनी गंभीर है, इसका खुलासा खुद सरकार के विधानसभा में दिए गए जवाब से हो गया है. विधायक पूर्णिमा साहू द्वारा पूछे गए प्रश्न पर सरकार ने जो उत्तर दिया, उसे विपक्ष सरकार की मंशा पर बड़ा सवाल बता रहा है. सोमवार को विधायक पूर्णिमा ने विधानसभा में पूछा था कि ओबीसी आरक्षण देने के लिए 2019 में शुरू हुआ आर्थिक एवं सामाजिक सर्वेक्षण कब पूरा होगा और इसके आधार पर सरकार कब तक ओबीसी को उनका हक देगी. इसके जवाब में सरकार ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण सर्वेक्षण का कार्य पूरा नहीं हो सका है. विधायक ने इस जवाब को हास्यास्पद और बहानेबाज़ी से भरा बताते हुए कहा कि कोरोना को बीते चार साल से अधिक हो चुके हैं, फिर भी सरकार कोई ठोस कारण नहीं दे पाई. उन्होंने कहा कि यह जवाब सरकार की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगाता है और साबित करता है कि सरकार पिछड़ा वर्ग के मुद्दों पर गंभीर नहीं है.
विधायक ने कहा कि झारखंड में जनसंख्या आधारित आरक्षण लागू करने के लिए तत्काल आर्थिक एवं सामाजिक सर्वेक्षण कराया जाना अनिवार्य है. यदि सरकार सच में पिछड़ों को उनका अधिकार देना चाहती है तो इसे प्राथमिकता में लेकर तुरंत कदम उठाए. यह मामला सिर्फ सर्वेक्षण का नहीं है, बल्कि पिछड़ों के उचित हक और सम्मान का भी है.
