June 6, 2026

Lack of oxygen and an ICU bed led to a loss of life: ऑक्सीजन और ICU बेड न मिलने से गई जान?गिरिडीह सदर अस्पताल में मरीज की मौत पर हंगामा, परिजनों ने लगाया डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप

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सर्च न्यूज: सच के साथ: झारखंड के गिरिडीह सदर अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद परिजनों द्वारा भारी हंगामा करने का मामला सामने आया है। न्यू बरगंडा के रहने वाले 42 वर्षीय सुनील कुमार को सांस लेने में तकलीफ होने के कारण अस्पताल लाया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

झारखंड के गिरिडीह सदर अस्पताल में उस समय भारी बवाल खड़ा हो गया जब न्यू बरगंडा निवासी 42 वर्षीय सुनील कुमार नामक मरीज की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की संवेदनहीनता के कारण मरीज को सही समय पर आवश्यक उपचार नहीं मिल सका, जिससे उनकी जान चली गई।

ऑक्सीजन और आईसीयू बेड न मिलने का आरोप

मृतक के छोटे भाई और अन्य परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल पहुंचने के बाद सुनील कुमार को सामान्य वार्ड में रख दिया गया, जबकि उनकी सांसें लगातार फूल रही थीं। गंभीर स्थिति के बावजूद उन्हें समय पर ऑक्सीजन सपोर्ट नहीं दिया गया। इसके अलावा, परिजनों ने यह भी दावा किया कि अस्पताल के आईसीयू (ICU) वार्ड में बेड खाली पड़े होने के बावजूद मरीज को वहां शिफ्ट नहीं किया गया, जिससे उनकी हालत और अधिक बिगड़ती चली गई।

डॉक्टर के न पहुंचने पर मरीज ने तोड़ा दम

परिजनों के अनुसार, जब मरीज की स्थिति बेहद नाजुक होने लगी, तो उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर को तुरंत आकर देखने और ऑक्सीजन लगाने की गुहार लगाई। लेकिन बार-बार सूचना देने के बाद भी डॉक्टर समय पर वार्ड में नहीं पहुंचे। डॉक्टर की अनुपस्थिति और चिकित्सा सुविधा के अभाव के बीच मरीज तड़पता रहा और आखिरकार अस्पताल के सामान्य वार्ड में ही उसने दम तोड़ दिया, जिसके बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।

पुलिस की एंट्री और मामले की जांच शुरू

अस्पताल में बढ़ते तनाव और हंगामे को देखते हुए प्रबंधन ने तुरंत स्थानीय नगर थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। नगर थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और उग्र लोगों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया। वहीं, इस पूरे मामले पर सिविल सर्जन डॉक्टर बच्चा प्रसाद सिंह ने कहा कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है, लेकिन परिजनों के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और दोषी पाए जाने वाले डॉक्टर या कर्मी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी

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