March 15, 2026

मानव तस्करी पर चिंता, एसएचजी के माध्यम से रोजगार से जोडऩे पर जोर

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झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश सुजीत नारायण ने किया विधिक सेवा सह सशक्तिकरण व राष्ट्रीय लोक अदालत का वर्चुअल उद्घाटन

जमशेदपुर : राज्यस्तरीय विधिक सेवा-सह-सशक्तिकरण शिविर तथा राष्ट्रीय लोक अदालत का वर्चुअल उद्घाटन न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद (न्यायाधीश, झारखंड उच्च न्यायालय) ने सिदगोड़ा टाउन हॉल में किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लोक अदालत का उद्देश्य आम नागरिकों को संविधान द्वारा प्रदत्त नागरिक अधिकारों, मौलिक अधिकारों तथा सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ वांछित एवं लक्षित समूहों तक सुलभ रूप से पहुंचाना है. विशेष रूप से महिलाओं एवं वंचित वर्गों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाना आवश्यक है. उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन तथा महिलाओं एवं कमजोर वर्गों पर होनेवाले अत्याचारों की रोकथाम हेतु समाज की सक्रिय भागीदारी पर बल दिया. मानव तस्करी की समस्या पर चिंता जताते हुए इसके मूल कारणों पर कार्य करने की आवश्यकता बताई तथा प्रभावित व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए स्थानीय स्तर पर स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उन्हें रोजगार से जोडऩे पर जोर दिया. कार्यक्रम में न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद के अलावे न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार श्रीवास्तव (न्यायाधीश, झारखंड उच्च न्यायालय), अरविन्द कुमार पांडेय (जिला एवं सत्र न्यायधीश पूर्वी सिंहभूम), ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग, जिला बार एसोसिएसन के अध्यक्ष सहित वरीय प्रशासनिक पदाधिकारी, न्यायाधीगण एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे. अतिथियों का स्वागत झालसा के सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना ने किया.

महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण जरुरी : डीसी
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने कहा कि लोक अदालत केवल वादों के निपटारा का माध्यम नहीं है बल्कि यह एक विश्वास का मंच है. विधिक सशक्तिकरण तभी सार्थक होगा जब समाज के कमजोर वर्ग व महिलाओं का सामाजिक व आर्थिक सशक्तिकरण हो एवं उन्हे अपने अधिकारों की जानकारी होगी.

लाभुकों में 1.42 करोड़ राशि की परिसम्पति व 9 मृतकों के आश्रितों को बीमा राशि का चेक वितरित

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ने लगभग 1.42 करोड़ राशि की परिसम्पति लाभुकों के बीच वितरित की. इसके तहत कविता देवी तथा पुनम देवी को 40 लाख का चेक, समीर सबर को गृह प्रवेश, जादु हेम्ब्रम को 11.30 लाख का ऋण, नानु पूर्ति को वन अधिकार पट्टा, कपिल देव शर्मा को कान मशीन, किशुन टुडू, आयुष रजक को स्पॉनरशिप स्वीकृति, साईबा मुर्मू को कीट रहित सब्जी उत्पादन इकाई, राहुल बारीक को पॉली हाउस निर्माण हेतु चेक, सगेन सकाम, कृषक उत्पादक समूह डुमरिया को प्रमाण पत्र, अजीत देवरी को किट, बसंती देवी को मलेरिया किट एवं जासई सोरेन को 2 लाख की राशि प्रदान की गई.
इसके अतिरिक्त जमशेदपुर न्यायिक ट्रिब्यूनल के निर्णय के आधार पर विभिन्न बीमा कंपनियों के माध्यम से सडक़ दुर्घटना में मृतकों के आश्रितों को बीमा राशि प्रदान की गई. जिसमें जयंती व सुचिता प्रधान को 70 लाख, महेन्द्र कुमार राम को 34.02 लाख, लालती देवी व महेश्वर राय को 31.34 लाख, सोनामनी हांसदा को 29.50 लाख, जमुना मुर्मू को 27.50 लख, सुमिता महतो, असित कुमार महतो व प्रभाती रानी महतो को 27.46 लाख, सुनदोरा गोराई, गणेश गोराई व आशीष गोराई को 21 लाख, मिथुन कैवर्त व तिलोतमा देवी को 18 लाख का चेक प्रदान किया गया.