June 5, 2026

पुतिन का ट्रंप को साफ संदेश: मोदी पर दबाव पड़ा तो बिगड़ सकते हैं हालात

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मॉस्को/नई दिल्ली: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर भारत के साथ अपने मजबूत रिश्तों पर भरोसा जताते हुए बड़ा बयान दिया है। पुतिन ने साफ कहा है कि भारत और रूस के संबंधों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर किसी भी तरह का बाहरी दबाव बनाना उल्टा पड़ सकता है।

राष्ट्रपति पुतिन का यह बयान ऐसे समय आया है जब वैश्विक राजनीति में नए समीकरण बन रहे हैं और रूस-भारत संबंधों पर दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। उन्होंने कहा कि भारत एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र है, जो अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए विदेश नीति तय करता है। ऐसे में किसी भी देश द्वारा भारत पर दबाव बनाने की कोशिश न केवल नुकसानदेह होगी, बल्कि उसके अपेक्षित परिणाम भी नहीं मिलेंगे।

पुतिन ने भारत को रूस का भरोसेमंद और दीर्घकालिक साझेदार बताते हुए कहा कि दोनों देशों के संबंध दशकों की मित्रता और आपसी विश्वास पर आधारित हैं। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां बदलने के बावजूद दोनों देशों के रिश्ते लगातार मजबूत बने हुए हैं।

रूसी राष्ट्रपति का यह बयान उस समय आया है जब पश्चिमी देशों और अमेरिका की ओर से रूस के साथ विभिन्न देशों के संबंधों को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि पुतिन ने संकेत दिया कि भारत अपनी विदेश नीति में किसी बाहरी दबाव के बजाय अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान केवल भारत-रूस संबंधों की मजबूती का संकेत नहीं है, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती रणनीतिक अहमियत को भी दर्शाता है। रूस की ओर से भारत के प्रति इस तरह का खुला समर्थन अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है।

अब इस बयान के बाद दुनिया की नजरें भारत, रूस और अमेरिका के बीच भविष्य के समीकरणों पर टिक गई हैं। लेकिन एक बात साफ है कि रूस ने सार्वजनिक रूप से भारत के साथ अपनी दोस्ती और भरोसे को दोहराते हुए बड़ा राजनीतिक संदेश दे दिया है।