राज्य का पहला ऑर्गेनिक ईको रिसॉर्ट ‘मड एंड मीडोज’ का शुभारंभ
मंत्री दीपिका व विधायक संजीव ने किया उद्घाटन, पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
जमशेदपुर : पोटका प्रखंड के शंकरदा गांव में पर्यावरण संरक्षण और सतत पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के तहत ‘मड एंड मीडोज (मिट्टी और घास)’ केंद्र का समारोहपूर्वक शुभारंभ किया गया. झारखंड की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि एवं पोटका विधायक संजीव सरदार ने विशिष्ट अतिथि के रूप में फीता काटकर तथा रुद्राक्ष व जामुन का पौधरोपण कर केंद्र का उद्घाटन किया.
मौके पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड में भारत के प्रथम ऑर्गेनिक रूप से विकसित ईको रिसॉर्ट ‘मड एंड मीडोज’ का उद्घाटन सतत पर्यटन और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक गौरवपूर्ण एवं ऐतिहासिक क्षण है. यह परियोजना राज्य में पर्यावरण-सचेत जीवनशैली और ग्रामीण सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी.
उन्होंने विधायक संजीव सरदार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने क्षेत्र में सड़क निर्माण हेतु कई अनुशंसा की है. मंत्री ने घोषणा की कि पोटका की सड़कों को दुरुस्त किया जाएगा. कार्यक्रम में टीएससी सदस्य जसाई मार्डी, पार्षद हिरण्यमय दास, बीडीओ अरुण कुमार मुंडा, पूर्व पार्षद करुणामय मंडल, मुखिया सारजोम मार्डी, अनीता मुर्मू, ग्राम प्रधान विनय कृष्ण दास, अनील तिवारी, सोमेन मंडल, शांतनु मायती, हिमांशु तिवारी, रोहित प्रसाद सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित थे.
● पोटका बनेगा ईको-टूरिज्म का मॉडल क्षेत्र : संजीव
विशिष्ट अतिथि विधायक संजीव सरदार ने कहा कि ‘मड एंड मीडोज’ जैसे प्रयास पोटका को झारखंड के मानचित्र पर एक प्रेरणादायक ईको-पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करेंगे. उन्होंने कहा कि सतत विकास, ग्रामीण सशक्तिकरण और आधुनिक आतिथ्य के समन्वय से यह परियोजना युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित करेगी. विधायक ने क्षेत्र के ग्रामीणों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने, जल संरक्षण अपनाने तथा प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने का आह्वान किया. उन्होंने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र में आधारभूत संरचना के विकास और सड़क सुधार कार्य को प्राथमिकता दी जाएगी. मौके पर अतिथियों ने गाँव वालो के बीच साड़ी वितरण भी किया.
● डॉ. विक्रांत को 23 राज्यों में 2 करोड़ पौधरोपण का अनुभव
कार्यक्रम से पूर्व अतिथियों का स्वागत संस्था के निदेशक एवं पर्यावरणविद् डॉ. विक्रांत तिवारी ने शाल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर किया. डॉ. तिवारी ने बताया कि उन्होंने कॉरपोरेट जगत से इस्तीफा देकर स्वयं को पर्यावरण संरक्षण के कार्य में समर्पित किया है. भारत और विदेशों में वृक्षारोपण, वनीकरण एवं प्रकृति संरक्षण पर व्यापक स्तर पर कार्य किया है. भारत के 23 राज्यों में 2 करोड़ पौधरोपण किए गए हैं, जिनमें केवल झारखंड में 45 लाख पौधे लगाए गए. 50 लाख लीटर से अधिक वर्षा जल संचयन भी किया गया है. ‘मड एंड मीडोज’ को 95 प्रतिशत बिना सीमेंट सामग्री के पर्माकल्चर सेंटर के रूप में विकसित किया गया है. परिसर में 200 से अधिक प्रजातियों जैसे सिंदूर एवं रुद्राक्ष के वृक्ष संरक्षित हैं. यहां के सौंदर्यपूर्ण मिट्टी के घर ऑर्गेनिक ईंटों से निर्मित हैं, जो पारंपरिक वास्तुकला और पर्यावरणीय स्थिरता का सुंदर समन्वय प्रस्तुत करते हैं.
