June 20, 2026

राम मंदिर चोरी जांच में नया मोड़, CCTV बना सबसे बड़ी चुनौती

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अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती ठोस डिजिटल साक्ष्य जुटाने की है। जांच में पता चला है कि मंदिर परिसर के सीसीटीवी सिस्टम में फुटेज का बैकअप केवल 45 दिनों तक ही सुरक्षित रखा जाता है। इसके बाद रिकॉर्ड अपने आप हट जाते हैं। ऐसे में जांच एजेंसियों के लिए यह पता लगाना मुश्किल हो गया है कि कथित गड़बड़ियां कब शुरू हुईं और कितने समय तक चलती रहीं।

जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में संभावित छेड़छाड़ के संकेत भी सामने आए हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। SIT अब फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से पुराने डिजिटल रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्य हासिल करने की कोशिश कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यदि हाल के दिनों में फुटेज में कोई बदलाव किया गया होगा, तो उसके निशान तकनीकी जांच में सामने आ सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार, जांच टीम संदिग्ध कर्मचारियों, अधिकारियों और पहले से पकड़े गए आरोपियों के बयानों का मिलान कर रही है। पूछताछ में कई विरोधाभास सामने आने की बात कही जा रही है, जिन्हें जांच का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। सीमित डिजिटल साक्ष्यों के कारण अब जांच काफी हद तक गवाहों, दस्तावेजों और संबंधित लोगों के बयानों पर निर्भर होती जा रही है।

इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने मामले में सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। अयोध्या दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि जांच पूरी होने तक अनावश्यक बयानबाजी से बचें और यदि किसी के पास कोई प्रमाण है तो उसे SIT को सौंपें। माना जा रहा है कि डिजिटल साक्ष्यों की कमी के चलते यह जांच लंबी और कई स्तरों पर आगे बढ़ सकती है।