April 8, 2026

Jharkhand Ispat Plant Worker Death : झारखंड इस्पात प्लांट हादसे में झुलसे एक और मजदूर की मौत, मृतकों की संख्या हुई 3, परिजनों को 21 लाख मुआवजा

Ramgarh JSP Accident News

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Ramgarh : झारखंड के रामगढ़ जिला अंतर्गत रामगढ़ थाना क्षेत्र के हेसला स्थित झारखंड इस्पात प्लांट (JSP) में हुए भीषण हादसे ने एक और परिवार की खुशियां छीन लीं। फर्नेस फटने की घटना में गंभीर रूप से झुलसे मजदूर बृजलाल बेदिया ने सोमवार की देर रात रांची के देवकमल अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस दुखद मृत्यु के साथ ही इस औद्योगिक हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की कुल संख्या अब बढ़कर तीन हो गई है। प्रशासन और प्रबंधन के बीच हुई वार्ता के बाद अब मृतकों के आश्रितों को उचित मुआवजे पर सहमति बन गई है।

अस्पताल में जिंदगी की जंग हार गए बृजलाल बेदिया

हेसला स्थित इस स्टील प्लांट में हुए हादसे के बाद से ही बृजलाल बेदिया की स्थिति नाजुक बनी हुई थी। उनसे पहले अशोक बेदिया और अखिल राय की भी इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। वर्तमान में चार अन्य मजदूर अभी भी गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती हैं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र के औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

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मुआवजे पर बनी छह सूत्री सहमति

मजदूर की मौत के बाद उपजे जनाक्रोश और विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार देर रात जिला प्रशासन, स्थानीय ग्रामीणों और प्लांट प्रबंधन के बीच एक महत्वपूर्ण वार्ता संपन्न हुई। लंबी चर्चा के बाद प्रबंधन ने 6 प्रमुख बिंदुओं पर अपनी लिखित सहमति प्रदान की है:

  • मुआवजा : प्रत्येक मृतक के आश्रित को 21 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
  • निःशुल्क उपचार : हादसे में घायल सभी मजदूरों का समुचित और पूरी तरह निःशुल्क इलाज सुनिश्चित किया जाएगा।
  • नियमित वेतन : जब तक घायल मजदूर पूरी तरह स्वस्थ होकर काम पर नहीं लौटते, उन्हें उनका नियमित वेतन मिलता रहेगा।
  • न्यूनतम मजदूरी : भविष्य में सभी मजदूरों को सरकारी प्रावधानों के तहत न्यूनतम मजदूरी का लाभ अनिवार्य रूप से दिया जाएगा।
  • सामाजिक सुरक्षा : प्लांट के सभी श्रमिकों के लिए कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) की सुविधा लागू की जाएगी।
  • प्रदूषण नियंत्रण : प्रबंधन ने वादा किया है कि आगामी 3 महीनों के भीतर प्लांट से होने वाले प्रदूषण पर पूरी तरह काबू पा लिया जाएगा।

सुरक्षा मानकों की होगी जांच

इस समझौते के बाद तनावपूर्ण स्थिति में कुछ कमी आई है, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट में सुरक्षा उपकरणों और मानकों की भारी कमी है। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि हादसे के कारणों की बारीकी से जांच की जा रही है और सुरक्षा प्रोटोकॉल में किसी भी प्रकार की चूक पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों पर भी जिम्मेदारी तय की जाएगी। फिलहाल, मृतकों के परिजनों में मातम पसरा हुआ है और गांव में शोक की लहर है।

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