Saranda Forest IED Blast : सारंडा जंगल में IED ब्लास्ट, कोबरा जवान घायल, सर्च ऑपरेशन तेज
Jharkhand Saranda IED blast
Saranda/Chaibasa: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। नक्सलियों के गढ़ माने जाने वाले सारंडा के जंगलों में सोमवार की सुबह नक्सलियों ने एक बार फिर सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की कोशिश की। नियमित सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा बिछाए गए एक आईईडी (IED) में विस्फोट हो गया, जिसकी चपेट में आने से कोबरा 205 बटालियन का एक जवान घायल हो गया।
बालिबा गांव के पास तलाशी अभियान के दौरान हुआ धमाका
जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बल के जवान सारंडा जंगल के चडरा डेरा क्षेत्र में, जो कि बालिबा गांव के समीप स्थित है, वहां रूटीन तलाशी अभियान (कोम्बिंग ऑपरेशन) चला रहे थे। इसी दौरान अचानक एक शक्तिशाली विस्फोट हुआ। इस ब्लास्ट में कोबरा 205 बटालियन के जवान अनुज कुमार घायल हो गए। गनीमत यह रही कि जवान को मामूली चोटें आई हैं और उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
जवान अनुज कुमार को इलाज के लिए रांची भेजने की तैयारी
घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद साथी जवानों ने अनुज कुमार को प्राथमिक उपचार दिया और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। प्राथमिक चिकित्सा के बाद, उन्हें बेहतर और उन्नत इलाज के लिए रांची भेजने की तैयारी की गई है, जहां उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियां जवान के स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
बख्शे नहीं जाएंगे नक्सली : एसपी अमित रेणु
पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक (SP) अमित रेणु ने इस कायराना हमले की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि नक्सली अपनी उपस्थिति दर्ज कराने और विकास कार्यों में बाधा डालने के लिए अक्सर इस तरह के हमले करते हैं। एसपी ने बताया कि इन आईईडी ब्लास्ट की चपेट में आकर पूर्व में कई निर्दोष ग्रामीण भी अपनी जान गंवा चुके हैं।
इलाके में सर्च ऑपरेशन हुआ और भी ज्यादा सख्त
इस घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने पूरे सारंडा क्षेत्र को सील कर दिया है। नक्सलियों की धर-पकड़ के लिए जंगलों में कॉम्बिंग ऑपरेशन को और अधिक तेज कर दिया गया है। एसपी अमित रेणु ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नक्सलियों की किसी भी हरकत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सुरक्षा बल उन्हें मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और घने जंगलों की चुनौतियों के बावजूद सुरक्षा बल इलाके में शांति और सुरक्षा बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

