सिर्फ डिग्री पाने का अवसर नहीं, संघर्ष व अनुशासन का भी प्रतीक
आदित्यपुर के श्रीनाथ यूनिवर्सिटी का प्रथम दीक्षांत समारोह, राज्यपाल ने विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं
जमशेदपुर : आदित्यपुर स्थित श्रीनाथ विश्वविद्यालय का प्रथम दीक्षांत समारोह मुख्य अतिथि झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार की उपस्थिति में संपन्न हुआ. राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह सिर्फ डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह आपके संघर्ष, अनुशासन, परिश्रम और संकल्प का भी प्रतीक है. अब आपके जीवन में एक नई यात्रा आरंभ हो रही है, जहां ज्ञान के साथ-साथ मूल्य, संवेदनशीलता और सामाजिक दायित्व भी आपके पहचान बनेंगे. श्रीनाथ विश्वविद्यालय राज्य में एक निजी विश्वविद्यालय के रूप में शिक्षा के क्षेत्र में अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहा है. निजी विश्वविद्यालय से यह अपेक्षा की जाती है कि वह यूजीसी द्वारा निर्धारित मापदंडों का पालन करें, शिक्षण संस्थानों में आधारभूत संरचना मौजूद हो, विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए और अकादमिक अनुशासन का पूर्णत: पालन करें.
महामहिम ने कहा िप्रतिस्पर्धा के इस युग में मात्र उपाधि हासिल करना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि विद्यार्थियों के कौशल विकास, व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं रोजगार परक शिक्षा पर ध्यान देना आवश्यक है. इस संदर्भ में यही अपेक्षा है कि विश्वविद्यालय का प्लेसमेंट सेल सक्रिय, प्रभावी और उद्योगों से जुड़ा हो ताकि यहां से पास आउट होनेवाले प्रत्येक विद्यार्थी आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य का निर्माण कर सकें.
इसके पूर्व श्रीनाथ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सुखदेव महतो ने अतिथियों का स्वागत किया तथा सभा में उपस्थित लोगों का अभिनंदन किया. विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. एस एन सिंह ने विश्वविद्यालय का परिचय दिया. मुख्य अतिथि समेत सभी मंच पर मौजूद अतिथियों ने सौवेनियर का लोकार्पण किया. विश्वविद्यालय के कुल सचिव डॉ याहिया मजूमदार ने सभी उपाधि प्राप्त करनेवाले विद्यार्थियों को सत्य, सेवा, सहयोग तथा मानवता की सेवा के लिए शपथ दिलाई. समारोह में संस्था के संस्थापक शम्भू महतो, संध्या महतो, प्रबंधन की सदस्य अनिता महतो के अतिरिक्त श्रीनाथ विश्वविद्यालय के पदाधिकारीगण, प्राध्यापक, शिक्षकेत्तर कर्मी, उपाधि प्राप्त करनेवाले विद्यार्थी तथा उनके अभिभावक उपस्थित थे.
अपने संस्कार व मिट्टी को न भूलें : सबिता
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल ईंचागढ़ विधायक सविता महतो ने कहा कि आज का दिन विद्यार्थियों के लिए एक यादगार समय है. सरायकेला क्षेत्र प्रगति की ओर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि आप अपने संस्कारों और मिट्टी को कभी न भूले. आप केवल नौकरी पाने के लिए पढ़ाई न करें, बल्कि एक अच्छा इंसान बनने की दिशा में आगे बढ़ें. उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य की कामना की.
तीन वर्ष के एकेडेमिक सत्र के विद्यार्थियों की दी 529 डिग्रियां
विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में 2021 से लेकर 2023 एकेडेमिक सत्रों (2021/2022/2023) के विद्यार्थियों को डिग्री से सम्मानित किया गया. समारोह में कुल 529 डिग्रियां प्रदान की गई जिनमें 44 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया. इसमें अंग्रेजी के 4, एजुकेशन के 1, पत्रकारिता एंव जनसंचार के 3, इकोनॉमिक्स के 2, भूगोल के 2, कॉमर्स एंड मैनेजमेंट के 11, आईटी के 5, मैथेमेटिक्स के 1, भौतिकी से 1, रसायन से 1, इंजीनियरिंग से 6 फाइन आर्टस से 2, योगा से 4, हिंदी में 1 और फॉर्मेसी से 1 विद्यार्थी शामिल हैं. इसके अलावा 121 स्नातकोत्तर, 169 स्नातक एंव 239 डिप्लोमा की उपाधि प्रदान की गई.
विभागवार इन्हें मिला गोल्ड मेडल
सोनाली कर, अंजलि कौशल, इंदु कुमारी, रुमना ओझा, चंदन महतो, सुप्रिया गुप्ता, अंजू बा, नीलम कुमारी, हेना डे, नंदिनी कुमारी, कोमल कुमारी प्रसाद, सुशोभित कुमार चौबे, साहिरा मोहंता, आशीष साह, मिथुन मिश्रा, झिनुक भक्त, दीपक प्रमाणिक, अमिता कुमारी, प्रसेनजीत कुमार महतो, जुनशिखा घोष विश्वास, मौसमी बेहरा, सौविक मंडल, अमृत तांती, गंगामणि तांती, देबजीत प्रमाणिक, रिया दास, अंजू महतो, काजल कुमारी, मोहित कुमार गुप्ता, पूजा कुमारी गोप, अंतरजीत प्रधान, राजन भगत, शिवानी लेंका, मो तारिक आलम अंसारी, मनीषा कुमारी, सास्वत सत्यम यादव, शुभम शंकर, नेहा प्रसाद, अंजलि गुप्ता, टिंकू सिंह, दुर्गा प्रसाद मिश्र, गीताली मुखर्जी, सुखेंदु महतो व उमेश महतो.
