February 11, 2026

संदीप की नई पुस्तक ‘हारे का सहारा : खाटू श्याम’ बाजार में

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महादेवशाल को खाटू श्याम की जन्मस्थली के रूप में प्रस्तुत कर रही है यह पुस्तक

जमशेदपुर : लेखक संदीप मुरारका की नवीन पुस्तक ‘हारे का सहारा : खाटू श्याम’ प्रभात प्रकाशन से प्रकाशित हो चुकी है. यह कृति महाभारत के अमर योद्धा बर्बरीक (खाटू श्याम) की जन्मस्थली महादेवशाल (पश्चिमी सिंहभूम, झारखंड) को प्रमाणिक संदर्भों सहित प्रस्तुत करती है.
प्राचीन ग्रंथों, स्थानीय लोककथाओं, पुरातात्त्विक संकेतों तथा पौराणिक यात्राओं के अध्ययन के आधार पर लेखक ने यह स्थापित करने का प्रयास किया है कि पांडवों की वनयात्रा एवं भीम-हिडिंबा प्रसंगों की जड़ें झारखंड की धरती से गहराई से जुड़ी हैं. पुस्तक में पांडव यात्रा मार्ग, झारखंड में महाभारतकालीन स्थल राजगनर में भीमखांदा, घाटशिला में पंच पांडव पहाड़, पलामू में भीम चूल्हा और महादेवशाल की ऐतिहासिक एवं पौराणिक गाथा, बर्बरीक के भाईयों की कहानी, ओडि़शा के सुंदरगढ़ स्थित वेद व्यास से महादेवशाल की दूरी तथा ‘हारे का सहारा’ बनने की दिव्य प्रक्रिया को सजीव कथा शैली में प्रस्तुत किया गया है.
धार्मिक आस्था, इतिहास, पर्यटन और लोकविश्वास, इन चारों के सशक्त संगम के रूप में यह पुस्तक पाठकों को आध्यात्मिक गहराई के साथ सांस्कृतिक गर्व का अनुभव कराती है. खाटू श्याम की जन्मस्थली महादेवशाल पर केंद्रित संदीप मुरारका का यह शोध तथा पांडव यात्रा मार्ग की स्पष्ट व्याख्या साहित्य, इतिहास और सांस्कृतिक अध्ययन, तीनों क्षेत्रों में एक महत्त्वपूर्ण योगदान के रूप में देखा जा रहा है. यह पुस्तक अमेजऩ, फ्लिपकार्ट तथा प्रभात प्रकाशन की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है.