Tata Steel started ‘People’s Care’ service:टाटा स्टील ने ‘पीपल्स केयर’ सेवा शुरू की, अब मोबाइल्स और ईमेल से एक ही जगह होगी कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान, 5 कर्मचारियों को मिली लीव बैंक की मंजूरी
सर्च न्यूज: सच के साथ: टाटा स्टील (Tata Steel) ने अपने कर्मचारियों और मजदूरों के हितों को ध्यान में रखते हुए दो बड़े और महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। कंपनी ने मजदूरों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘पीपुल्स केयर’ (People’s Care) सिंगल विंडो सिस्टम की शुरुआत की है। इसके साथ ही एक अन्य उच्च स्तरीय बैठक में 5 श्रमिकों के लिए लीव बैंक (Leave Bank) योजना को भी मंजूरी प्रदान की गई है, जिससे कर्मचारियों में खुशी की लहर है
1. ‘पीपुल्स केयर’ सेवा की शुरुआत और इसका उद्देश्यटाटा स्टील के मानव संसाधन प्रबंधन (HRM) विभाग ने टाटा वर्कर्स यूनियन के साथ मिलकर संयुक्त रूप से ‘पीपुल्स केयर’ पहल को लॉन्च किया है। इस नए सिंगल विंडो सिस्टम का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों और मजदूरों की हर छोटी-बड़ी समस्या का समाधान एक ही छत के नीचे करना है। इसके माध्यम से कर्मचारियों को जवाबदेही, समस्याओं के जल्द क्लोजर और बेहतर कार्य अनुभव (Experience) जैसी सुविधाएं मिलेंगी। प्रबंधन का लक्ष्य है कि कार्यस्थल पर आने वाली सभी बाधाओं (Bottlenecks) को दूर कर बिजनेस परफॉर्मेंस को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
लीव बैंक योजना को मंजूरी और लाभार्थी’पीपुल्स केयर’ की लॉन्चिंग के साथ ही कंपनी और यूनियन के शीर्ष पदाधिकारियों के बीच ‘लीव बैंक’ (Leave Bank) को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में गहन विचार-विमर्श के बाद कुल 5 जरूरतमंद मजदूरों के लीव बैंक प्रस्तावों को आधिकारिक मंजूरी दी गई। स्वीकृत किए गए इन मामलों में झरिया डिवीजन के तीन कर्मचारी और जमशेदपुर प्लांट के दो कर्मचारी शामिल हैं। यह योजना संकट के समय कर्मचारियों को अतिरिक्त छुट्टियां प्रदान कर उन्हें बड़ी सामाजिक व पारिवारिक सुरक्षा देती है
यूनियन और प्रबंधन का संयुक्त प्रयासइस पूरी कल्याणकारी योजना को धरातल पर उतारने में टाटा स्टील के वीपी एचआरएम सुरेश दत्त त्रिपाठी और टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष आर रवि प्रसाद की मुख्य भूमिका रही है। बैठक और लॉन्चिंग के दौरान यूनियन के ‘टॉप थ्री’ पदाधिकारियों समेत प्रबंधन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस संयुक्त पहल से एक बार फिर स्पष्ट हो गया है कि टाटा स्टील अपने कार्यबल (Workforce) को सबसे बड़ी संपत्ति मानती है और उनके कल्याण के लिए लगातार नए एवं आधुनिक सुरक्षा तंत्र विकसित करने में अग्रणी रहती है।