Tribal Organisations Protest Exclusion of Sarna Religion: जनगणना में सरना धर्म कॉलम नहीं होने पर आदिवासी संगठनों का विरोध, बोले — पहचान मिटाने की कोशिश
सर्च न्यूज: सच के साथ: Ranchi में विभिन्न आदिवासी संगठनों ने आगामी जनगणना में अलग सरना धर्म कॉलम शामिल नहीं किए जाने पर कड़ा विरोध जताया है। करमटोली केंद्रीय धूमकुड़िया सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आदिवासी नेताओं ने केंद्र सरकार पर आदिवासी समुदाय की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को कमजोर करने का आरोप लगाया।संगठनों का कहना है कि सरना धर्म आदिवासी समाज की पारंपरिक आस्था, प्रकृति पूजा और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नेताओं ने कहा कि यदि जनगणना में अलग सरना कोड नहीं दिया गया, तो लाखों आदिवासी लोगों की वास्तविक धार्मिक पहचान दर्ज नहीं हो पाएगी और उन्हें अन्य धर्मों के अंतर्गत गिना जाएगा।प्रदर्शनकारियों ने इस मुद्दे को केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि अस्तित्व और पहचान से जुड़ा मामला बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों को नजरअंदाज करती है, तो आने वाले समय में आंदोलन और तेज किया जाएगा।झारखंड में अलग सरना धर्म कोड की मांग लंबे समय से उठती रही है। आदिवासी संगठनों का मानना है कि जनगणना में आधिकारिक मान्यता मिलने से उनकी संस्कृति, भाषा और पारंपरिक पहचान को संरक्षित करने में मदद मिलेगी।
