March 29, 2026

विद्या भारती चिन्मया के पूर्व छात्र श्रेयांश का तीसरा उपन्यास लांच

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● शहर के बेटे की साहित्यिक उड़ान

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जमशेदपुर : टेल्को टाउन से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक मंच पर पहचान बनाने वाले श्रेयांश अंकित ने अपनी तीसरी कृति ‘द वेट ऑफ फॉरगॉटन थिंग्स’ के साथ एक बार फिर पाठकों का ध्यान खींचा है. विद्या भारती चिन्मय विद्यालय, टेल्को के पूर्व छात्र श्रेयांश का यह नया उपन्यास हाल ही में नई दिल्ली के विश्व पुस्तक मेले में लॉन्च किया गया. इससे पहले श्रेयांश अंकित के दो उपन्यास “सेवन लिव्स” और “सर्च फ़ॉर द ब्रह्मास्त्र” प्रकाशित हो चुके हैं, जिन्हें युवाओं और गंभीर पाठकों के बीच अच्छी सराहना मिली थी.
तीसरा उपन्यास स्मृति, विस्मृति और अतीत के बोझ पर आधारित एक संवेदनशील और रहस्यमय कथा है. उपन्यास का नायक रवि भारत के भूले-बिसरे कस्बों में भटकता है, जहाँ लोग उसे बिना पहचाने भी पहचानते हैं. पतंगे, भूली यादें, रहस्यमयी स्थान और अनकही सच्चाइयाँ—यह कहानी बताती है कि जो हम भूलना चाहते हैं, वही सबसे गहरे रूप में लौटता है. ज्ञात हो कि शिक्षा के क्षेत्र में श्रेयांश अंकित आईआईएम, अहमदाबाद के पूर्व छात्र हैं और वर्तमान में आईआईएमए एंडोमेंट फण्ड में एसोसिएट वाईस प्रेसिडेंट के रूप में कार्यरत हैं.
श्रेयांश की माँ आरती श्रीवास्तव ख़ुद हिंदी की एक विख्यात लेखिका हैं जिन्होंने बचपन से हीं श्रेयांश की लेखनी कला को प्रोत्साहन दिया. माँ के साथ श्रेयांश अपने पिता रिटायर्ड कस्टम्स सुपरिंटेंडेंट विजय श्रीवास्तव, बड़ी बहन डॉक्टर अंकिता श्रेया, बहनोई वैभव लोकेश और चाचा बिनय कुमार को अपना आधार स्तंभ मानते हैं. यह उपन्यास नोसन प्रेस द्वारा प्रकाशित किया गया है और वर्तमान में विभिन्न ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन उपलब्ध है.

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