February 11, 2026

युवा, किसान से लेकर देश-विदेश के समसामयिक विषयों पर गुदगुदाया

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बिष्टुपुर गोपाल मैदान में प्रथम पूर्वी सिंहभूम साहित्य उत्सव के दूसरे दिन कई विषयों पर चर्चा

जमशेदपुर : देश के कई हिस्सों से आए साहित्यकारों और सुदूर क्षेत्रों से आए साहित्य प्रेमी और युवा श्रोताओं से भरे बिष्टुपुर गोपाल मैदान के सभागार में पूर्वी सिंहभूम साहित्य उत्सव के दूसरे दिन के प्रथम सत्र की शुरुआत लाइब्रेरी मैन संजय कच्छप की किताबों, पुस्तकालयों को लेकर चलाई जा रही मुहिम, समुदाय के प्रति उत्तरदायित्व, जीवन-संघर्ष और जीवन उद्देश्यों को लेकर यदुवंश प्रणय से बातचीत से हुई. उन्होंने पहले पुस्तकालय खुलने की कठिनाई, समुदाय का उसको लेकर अविश्वास से लेकर आज झारखंड में 60 पुस्तकालय खुलने तक की यात्रा, किताबों के साथ ही वहां उपलब्ध डिजिटल सूचनाएं झारखंड के सुदूर क्षेत्रों में आज किस तरह लोगों की सोच, शैक्षणिक स्तर और जीवनशैली बदलने के जनांदोलन का रूप ले रहा है इसपर प्रकाश डाला. आज के विभिन्न सत्रों में महादेव टोप्पो, प्रेमचंद उरांव, शिवशंकर उरांव, विनीत कुमर भगत, पद्मश्री पुष्पेश पंत, चंद्रहास चौधरी, डॉ सुरिंदर सिंह जोधका, अनुकृति उपाध्याय, अक्षय बहिबाला, शताब्दी मिश्रा, सौरभ रॉय, नीलोत्पल मृणाल ने अपनी बातें रखी. दूसरे दिन का समापन सांस्कृतिक संध्या से हुई जहां कस्तूरबा विद्यालय की छात्र-छात्राओं की प्रस्तुति, पाईका और जनजातीय नृत्यों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया.
दूसरे सत्र में कुडुख भाषा पर साहित्य चर्चा हुई जिसमें महादेव टोप्पो, प्रेमचंद उरांव, शिव शंकर उरांव और विनीत कुमार भगत ने भाग लिया. तृतीय सत्र ‘ए गुड लाइफ लेशन इन लिविंग एंड लीविंग’ में पुष्पेश पंत व चंद्रहास चौधरी ने अपनी बातें रखी. चौथे सत्र में पुस्तकों की यात्रा विषय पर शताब्दी मिश्रा, सुरिन्द्र सिंह जोधका, चंद्रहास चौधरी, अनुकृति उपाध्याय, अक्षय बाहिवाला ने चर्चा की. पांचवें सत्र में जाति, वर्ग एवं समकालीन भारत में गांव पर सौरव रॉय एवं डॉ सुरिन्दर सिंह जोधका के बीच चर्चा हुई. सातवें सत्र के पहले हृयू विंग की नीतू दूबे ने ग्लिटर आर्ट को प्रदर्शित किया.