युवाओं में सांस्कृतिक चेतना जगाने गीता श्लोक प्रति. 8 फरवरी को
साईं परिवार विश्व सेवा संस्थान की पहल
जमशेदपुर : देश में भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक मूल्यों के संवर्धन के उद्देश्य से साईं परिवार विश्व सेवा संस्थान द्वारा अखिल भारतीय गीता श्लोक प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा. संस्थान के अध्यक्ष अनुप रंजन के अनुसार वर्तमान समय में युवाओं का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक ग्रंथों से जुड़ाव अत्यंत आवश्यक है. श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखानेवाला मार्गदर्शक ग्रंथ है. इसी भावना को ध्यान में रखते हुए यह प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है.
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में 6 से 18 वर्ष आयु वर्गों के प्रतिभागी शामिल होंगे. प्रतिभागियों को गीता के चयनित श्लोकों का शुद्ध उच्चारण, भावपूर्ण पाठ तथा आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुतीकरण करना होगा. निर्णायक मंडल द्वारा उच्चारण की शुद्धता, भाव-प्रस्तुति, स्मरण शक्ति एवं मंच संचालन के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया जाएगा. यह कार्यक्रम आगामी 8 फरवरी को सुबह 10 बजे से घोड़ाबांधा श्री साईंनाथ देवस्थानम परिसर में आयोजित होगा. प्रतियोगिता के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करनेवाले प्रतिभागियों को नगद पुरस्कार, प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा. साथ ही सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र भी दिए जाएंगे. संस्था के चैयरमेन राजीव कुमार ने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ता है तथा वे अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ते हैं. आयोजकों ने अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है.
