70 साल पुरानी Air India कॉलोनी खत्म… अब मुंबई में नहीं बचा एयर इंडिया का ‘घर’!
मुंबई में एक ऐसा अध्याय खत्म हो गया, जिसने हजारों कर्मचारियों की जिंदगी, बचपन और यादों को दशकों तक अपने अंदर समेटे रखा था।कलिना की मशहूर Air India कॉलोनियां अब इतिहास बन चुकी हैं।
1955 से शुरू हुई थी कहानी
इन कॉलोनियों की शुरुआत 1955 में हुई थी। धीरे-धीरे यहां 106 बिल्डिंग्स और 1683 फ्लैट बन गए। एयर इंडिया, इंडियन एयरलाइंस और उनसे जुड़ी कंपनियों के हजारों कर्मचारी यहां रहते थे।लेकिन एयर इंडिया के निजीकरण के बाद सब कुछ बदल गया।
कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक चली लड़ाई
कर्मचारियों ने अपने घर बचाने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। मामला लेबर कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, लेकिन आखिरकार उन्हें कॉलोनी खाली करनी पड़ी।कई कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी यहीं बिताई।यहीं बच्चों का बचपन बीता, यहीं रिश्ते बने और यहीं जिंदगी की सबसे बड़ी यादें जुड़ीं।
सिर्फ कॉलोनी नहीं, एक पूरा संसार था
यह जगह सिर्फ रहने की कॉलोनी नहीं थी।यहीं के क्रिकेट ग्राउंड से पृथ्वी शॉ, यशस्वी जायसवाल, अजिंक्य रहाणे और शिवम दुबे जैसे खिलाड़ी निकले।कोविड लॉकडाउन के दौरान भी यहीं रहने वाले इंजीनियर और स्टाफ पैदल एयरपोर्ट पहुंचकर काम संभालते थे।
अब क्या होगा?
अब इस जमीन का कब्जा मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) को सौंप दिया जाएगा।कई लोग इसे विकास कह रहे हैं, लेकिन पुराने निवासी इसे “एक युग का अंत” मान रहे हैं।कभी सपनों और आवाजों से भरी रहने वाली ये कॉलोनियां अब सिर्फ यादों में बचेंगी।और शायद इसी वजह से यह खबर सिर्फ रियल एस्टेट की नहीं…बल्कि मुंबई की बदलती पहचान की कहानी बन गई है।
