अब सिर्फ घर नहीं, “स्टेटस” खरीद रहे हैं लोग! भारत में तेजी से बढ़ रहा ₹1 लाख करोड़ का Home Interior Market
“मेरा घर मेरी पहचान है…”कुछ साल पहले तक यह सिर्फ एक डायलॉग था, लेकिन अब यही सोच भारत में अरबों डॉलर का बिजनेस खड़ा कर रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत का Home Interior और Decor Market अब 12 बिलियन डॉलर यानी लगभग ₹1 लाख करोड़ के पार पहुंच चुका है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि लोग अब घर की कीमत का 10% से 20% सिर्फ इंटीरियर पर खर्च कर रहे हैं।
यानी अगर किसी ने ₹1 करोड़ का फ्लैट खरीदा, तो उसके बाद ₹10-20 लाख सिर्फ घर सजाने में खर्च हो रहे हैं।
Tier-2 शहर भी पीछे नहीं
पहले यह ट्रेंड सिर्फ मुंबई-दिल्ली जैसे बड़े शहरों तक सीमित था, लेकिन अब जयपुर, लखनऊ, इंदौर, चंडीगढ़ और कोयंबटूर जैसे शहरों में भी लोग अपने घर को “लक्जरी एक्सपीरियंस” में बदलना चाहते हैं।
आखिर अचानक इतना बदलाव क्यों?
कोरोना के बाद घर सिर्फ रहने की जगह नहीं रहा।घर ऑफिस बना, जिम बना, कैफे बना और रिलैक्सेशन स्पेस भी।
सोशल मीडिया, Pinterest डिजाइन्स, Celebrity Home Tours और Hybrid Work Culture ने लोगों की सोच पूरी तरह बदल दी।
अब लोग सिर्फ “बड़ा घर” नहीं चाहते —उन्हें ऐसा घर चाहिए जो उनकी personality दिखाए।
महिलाओं की बड़ी भूमिका
इंटीरियर इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स का कहना है कि आज घर की सजावट के फैसलों में महिलाओं की भूमिका सबसे ज्यादा बढ़ी है।कलर थीम, किचन डिज़ाइन, डेकोरेशन और पूरे घर का लुक अब परिवार मिलकर तय करता है।
सबसे बड़ा मौका किसके लिए?
भारत का 80% Interior Market अभी भी लोकल कारपेंटर और छोटे कॉन्ट्रैक्टर्स के पास है।यही वजह है कि बड़ी कंपनियां अब Organized Interior Solutions लेकर तेजी से बाजार में उतर रही हैं।कम समय, फिक्स बजट, 3D डिज़ाइन और EMI जैसी सुविधाओं के कारण युवा खरीदार तेजी से इन कंपनियों की तरफ आकर्षित हो रहे हैं।
आखिर क्यों वायरल हो रही है यह लाइफस्टाइल?
क्योंकि अब घर सिर्फ “Property” नहीं रहा…वह आपकी Lifestyle, Personality और Social Status का हिस्सा बन चुका है।आज की नई सोच यही है —“घर खरीदना सपना नहीं, उसे खूबसूरत बनाना असली सपना है।”
