अमेरिका में उद्योगपति गौतम अदाणी से जुड़े कथित फ्रॉड और रिश्वत मामले में कानूनी कार्रवाई को कम करने या खत्म करने की खबर सामने आने के बाद भारत की राजनीति में नया विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कूटनीति के पीछे बड़े उद्योगपतियों को राहत दिलाने की कोशिश हो रही है।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए पोस्ट में राहुल गांधी ने दावा किया कि यह केवल व्यापारिक समझौता नहीं बल्कि “अदाणी को राहत दिलाने की रणनीति” है। वहीं दूसरी ओर सरकार की तरफ से अभी तक इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
दरअसल, अमेरिकी एजेंसियों द्वारा गौतम अदाणी से जुड़े मामले को सुलझाने की संभावनाओं की खबर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में सामने आई, जिसके बाद भारतीय राजनीति में बहस तेज हो गई। विपक्ष इसे सरकार और बड़े कॉर्पोरेट घरानों के रिश्तों से जोड़कर देख रहा है, जबकि भाजपा समर्थक इसे निवेश और वैश्विक कारोबारी स्थिरता का हिस्सा बता रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर कॉर्पोरेट प्रभाव, अंतरराष्ट्रीय लॉबिंग और राजनीतिक जवाबदेही जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है।