अमेरिका का ‘ब्लैक होल’? इजरायल से टकराने वाले नेताओं का क्यों बिगड़ जाता है राजनीतिक भविष्य
वॉशिंगटन/नई दिल्ली। अमेरिकी राजनीति में एक पुरानी कहावत है—कुछ मुद्दे ऐसे होते हैं जिन्हें छूना राजनीतिक जोखिम मोल लेने जैसा माना जाता है। इजरायल का मुद्दा भी लंबे समय से उन्हीं विषयों में गिना जाता है। इतिहास पर नजर डालें तो कई ऐसे अमेरिकी नेता और राष्ट्रपति दिखाई देते हैं जिन्होंने इजरायल की नीतियों पर सवाल उठाए या उस पर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन बाद में उन्हें राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
विशेषज्ञों के अनुसार, इसकी एक बड़ी वजह अमेरिका की घरेलू राजनीति है। चुनावी फंडिंग, प्रभावशाली लॉबिंग समूह और रणनीतिक गठबंधन अमेरिकी नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इजरायल समर्थक संगठनों का प्रभाव वर्षों से चर्चा का विषय रहा है और कई नेता इस मुद्दे पर बेहद सावधानी से बोलते हैं।
हालांकि यह कहना गलत होगा कि किसी नेता की हार या सफलता केवल इजरायल से जुड़े रुख पर निर्भर करती है। अर्थव्यवस्था, युद्ध, घरेलू नीतियां और जनमत भी उतने ही महत्वपूर्ण कारक होते हैं। फिर भी इतिहास यह जरूर दिखाता है कि अमेरिका में इजरायल सिर्फ एक विदेश नीति का मुद्दा नहीं, बल्कि ऐसा विषय है जो कई बार नेताओं के राजनीतिक भविष्य को भी प्रभावित कर सकता है।
