BAFTA जीतने वाली फिल्म ने उठाए समाज से बड़े सवाल
मणिपुरी सिनेमा की चर्चित फिल्म ‘बूंग’ इन दिनों सिर्फ अपनी सिनेमाई सफलता के लिए ही नहीं, बल्कि समाज को आईना दिखाने वाले अपने गहरे संदेश के कारण भी चर्चा में है। निर्देशक लक्ष्मीप्रिया देवी की इस फिल्म ने 2026 में बच्चों की श्रेणी में प्रतिष्ठित BAFTA पुरस्कार जीतकर इतिहास रच दिया। यह उपलब्धि हासिल करने वाली यह पहली भारतीय फिल्म बनी, जिससे पूरे मणिपुर और देश में गर्व का माहौल है।
विशेषज्ञों और समीक्षकों का मानना है कि ‘बूंग’ की सबसे बड़ी ताकत इसका वह साहसिक दृष्टिकोण है, जो समाज में गहराई से जड़ जमा चुकी पितृसत्तात्मक सोच को चुनौती देता है। फिल्म महिलाओं की स्थिति, सामाजिक असमानताओं और पारिवारिक संरचनाओं के भीतर मौजूद अदृश्य दबावों को बेहद संवेदनशील तरीके से सामने लाती है। बिना किसी शोर-शराबे के यह कहानी ऐसे सवाल उठाती है, जिन पर समाज अक्सर खुलकर चर्चा नहीं करता।
फिल्म की सफलता यह साबित करती है कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का सशक्त उपकरण भी हो सकता है। ‘बूंग’ ने न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय सिनेमा का सम्मान बढ़ाया है, बल्कि दर्शकों को आत्ममंथन करने का अवसर भी दिया है। यही कारण है कि यह फिल्म पुरस्कार जीतने से आगे बढ़कर एक महत्वपूर्ण सामाजिक संवाद का हिस्सा बन गई है।
