June 20, 2026

ईरान के स्कूल पर हमले का सच? ट्रंप का बड़ा बयान

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ईरान के दक्षिणी शहर मिनाब में एक बालिका विद्यालय पर हुए भीषण मिसाइल हमले को लेकर नई बहस छिड़ गई है। इस हमले में 150 से अधिक छात्रों और शिक्षकों की मौत हुई थी, जिसे 2026 के ईरान युद्ध की सबसे दर्दनाक घटनाओं में गिना जा रहा है। अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले पर बयान देते हुए कहा है कि “किसी ने भी स्कूल को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया” और पूरे मामले की जांच अभी जारी है।

यह विवाद तब और गहरा गया जब अमेरिकी सैन्य जांच की शुरुआती रिपोर्टों में संकेत मिले कि हमले के लिए संभवतः अमेरिकी बल जिम्मेदार हो सकते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, स्कूल एक ऐसे परिसर के पास स्थित था, जहां पहले ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़ी गतिविधियां होती थीं। हालांकि वर्षों से वह स्थान एक सक्रिय विद्यालय के रूप में संचालित हो रहा था। जांचकर्ताओं को आशंका है कि पुराने और गलत खुफिया आंकड़ों के आधार पर लक्ष्य की पहचान की गई हो सकती है।

मिनाब के शजरह तैयबेह स्कूल पर 28 फरवरी को हुए हमले में बड़ी संख्या में बच्चे मारे गए थे। अंतरराष्ट्रीय मीडिया, उपग्रह तस्वीरों और स्वतंत्र जांचों में यह सवाल उठाया गया कि क्या सैन्य ठिकाने के करीब होने के बावजूद विद्यालय की पहचान स्पष्ट रूप से की जा सकती थी। संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों ने भी घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के संदर्भ में गंभीर मामला बताया है।

इस बीच ट्रंप प्रशासन का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष आने तक किसी पर औपचारिक जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकती। वहीं ईरान लगातार अमेरिका को दोषी ठहरा रहा है और जवाबदेही की मांग कर रहा है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, दुनिया की नजरें इस सवाल पर टिकी हैं कि आखिर इतने बड़े मानवीय नुकसान के पीछे गलती, खुफिया विफलता या कुछ और कारण था।