June 20, 2026

जमशेदपुर में छिपा है 2000 साल पुराना अफ्रीकी चमत्कार!

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जमशेदपुर को आमतौर पर स्टील सिटी के रूप में जाना जाता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह शहर दुनिया के सबसे अनोखे और दुर्लभ वृक्षों में से एक—अफ्रीकी बाओबाब—का भी घर है। “ट्री ऑफ लाइफ” यानी “जीवन का वृक्ष” कहलाने वाला यह पेड़ अपनी 2,000 वर्ष से अधिक की आयु और विशाल तने में हजारों लीटर पानी संग्रहित करने की क्षमता के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है।

बाओबाब केवल अपनी लंबी उम्र के कारण ही खास नहीं है, बल्कि इसके लगभग हर हिस्से का उपयोग होता है। इसकी पत्तियां पौष्टिक और खाने योग्य होती हैं, छाल से मजबूत रस्सियां बनाई जाती हैं, जबकि इसके फल में प्राकृतिक रूप से बनने वाला पाउडर विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर माना जाता है। यही वजह है कि अफ्रीका में इसे जीवनदायी वृक्ष के रूप में सम्मान दिया जाता है।

दिलचस्प बात यह है कि इस दुर्लभ वृक्ष को देखने के लिए लोगों को अफ्रीका जाने की जरूरत नहीं है। जमशेदपुर में वर्तमान में 13 बाओबाब पेड़ मौजूद हैं। इनमें सबसे पुराना पेड़ साकची थाना के पास स्थित है, जबकि न्यू अरुण रोड पर दो अपेक्षाकृत युवा पेड़ खड़े हैं। इस अनमोल प्राकृतिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए टाटा स्टील यूआईएसएल ने जुबिली पार्क में 10 नए बाओबाब पौधे भी लगाए हैं।

साकची का सबसे पुराना बाओबाब विशेष आकर्षण का केंद्र है। इसका तना लगभग 9.5 मीटर की परिधि वाला है और इसके भीतर करीब तीन मीटर चौड़ी प्राकृतिक खोखली जगह मौजूद है। प्रकृति प्रेमियों का मानना है कि यह पेड़ इतिहास का एक जीवंत साक्षी है, जिसने पीढ़ियों को गुजरते देखा है। अब जागरूकता बढ़ने के साथ यह अनोखा वृक्ष जमशेदपुर की पहचान और पर्यटन आकर्षण का नया केंद्र बनता जा रहा है।