बंगाल में बदलाव की रफ्तार पर PM मोदी का बड़ा दावा
पश्चिम बंगाल दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हुगली जिले के तारकेश्वर में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य के विकास और पहचान को लेकर कई बड़े दावे किए। उन्होंने कहा कि बंगाल में अब तेज़ी से फैसले लिए जा रहे हैं और राज्य को उसके पुराने गौरव की ओर वापस ले जाने का काम शुरू हो चुका है। प्रधानमंत्री ने इसे “नए बंगाल” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल दिवस के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दिन राज्य के इतिहास और लोकतांत्रिक संघर्ष की याद दिलाता है। उन्होंने 1947 में बंगाल विधानसभा में हुए उस ऐतिहासिक मतदान का जिक्र किया, जिसके बाद पश्चिम बंगाल एक अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। उन्होंने राज्य के स्वतंत्रता सेनानियों, समाज सुधारकों और सांस्कृतिक हस्तियों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
जनसभा के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। आगामी विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री का यह दौरा राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा बंगाल में अपनी पकड़ मजबूत करने और विकास के मुद्दे को केंद्र में रखकर जनता तक पहुंचने की रणनीति पर काम कर रही है।
