Chaibasa Goilkera Elephant Attack : गोइलकेरा में जंगली हाथी ने गर्भवती महिला को कुचलकर मार डाला, क्षेत्र में दहशत
Chaibasa Goilkera Elephant Attack
Chaibasa/Jharkhand : पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा घटना गोइलकेरा प्रखंड के कुईडा पंचायत अंतर्गत सिर्जनकोचा गांव की है, जहां गुरुवार की देर रात हाथी ने गर्भवती महिला को कुचलकर मार डाला। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक और भय का माहौल है।
मृतका की पहचान 30 वर्षीय रानी बोयपाई के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि गुरुवार रात गांव के आसपास जंगल से एक हाथी अचानक आबादी वाले इलाके में घुस आया। हाथी को देखते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान रानी बोयपाई खुद को सुरक्षित स्थान तक नहीं पहुंचा सकीं और हाथी की चपेट में आ गईं। हाथी ने उन्हें सूंड से पटककर कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
प्रशासन और वन विभाग की टीम सक्रिय
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई। शुक्रवार को प्रखंड प्रमुख निरुमणी कोड़ा घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। वहीं वन विभाग के रेंजर राम नंदन राम के नेतृत्व में पहुंची टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली।
वन विभाग ने मृतका के परिजनों को तत्काल राहत के रूप में 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की है। साथ ही बताया गया कि सरकार की ओर से मिलने वाली अन्य मुआवजा राशि की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस और प्रशासन ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडल अस्पताल भेज दिया है।
iगांव और आसपास में दहशत का माहौल
घटना के बाद सिर्जनकोचा गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से हाथियों का झुंड इलाके में लगातार देखा जा रहा है और वे खेतों व गांवों में घुसकर नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर भगाने के लिए स्थायी उपाय किए जाएं और प्रभावित परिवार को शीघ्र उचित मुआवजा दिया जाए।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। साथ ही हाथियों को जंगल की ओर वापस खदेड़ने के लिए टीम तैनात की गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
