“दिल्ली पुलिस ने मिसाल पेश की — केवल 34 दिनों में पॉक्सो एक्ट के अपराधी को सज़ा दिलाई, अदालत में सिर्फ 8 दिनों में सुनवाई पूरी”
दिल्ली से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने लोगों को झकझोर भी दिया और न्याय व्यवस्था पर भरोसा भी मजबूत किया। पश्चिमी दिल्ली के निहाल विहार इलाके में नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पुलिस ने रिकॉर्ड 34 दिनों में चार्जशीट दाखिल कर दी और कोर्ट ने महज 8 दिनों में ट्रायल पूरा कर फैसला सुना दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए निहाल विहार थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई। पुलिस ने शिकायत दर्ज होने के दिन ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मेडिकल जांच में पीड़िता के 32 सप्ताह से ज्यादा की गर्भावस्था की पुष्टि हुई, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया।
जांच टीम ने तेजी दिखाते हुए वैज्ञानिक साक्ष्य, डीएनए प्रोफाइलिंग और गवाहों के बयान जुटाए। इन्हीं मजबूत सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए उसके शेष प्राकृतिक जीवन तक कठोर कारावास की सजा सुना दी। साथ ही पीड़िता को 16.5 लाख रुपये का मुआवजा देने की भी मंजूरी दी गई।
दिलचस्प बात यह है कि निहाल विहार पुलिस ने पिछले कुछ महीनों में ऐसे कई गंभीर मामलों में तेजी से कार्रवाई कर आरोपियों को सजा दिलाई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक जांच और फास्ट ट्रैक सुनवाई के जरिए अपराधियों को जल्द सजा दिलाना ही उनका मकसद है ताकि समाज में कड़ा संदेश जाए।
यह मामला सिर्फ एक अपराधी को सजा मिलने की कहानी नहीं, बल्कि उस तेजी और गंभीरता की मिसाल भी बन गया है जिसकी मांग अक्सर लोग न्याय व्यवस्था से करते हैं।
