June 27, 2026

Google की नई CO2 बैटरी बदलेगी हरित ऊर्जा का भविष्य

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दुनिया भर में बढ़ती बिजली की मांग और नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार के बीच Google ने आयरलैंड में एक ऐसी परियोजना शुरू की है, जो ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है। Google और Energy Dome मिलकर काउंटी ऑफ़ाली में 23 मेगावाट क्षमता और 200 मेगावाट-घंटे (MWh) स्टोरेज वाली अत्याधुनिक CO2 बैटरी स्थापित करेंगे। इस परियोजना का उद्देश्य सौर और पवन ऊर्जा से बनने वाली अतिरिक्त बिजली को सुरक्षित रखना और जरूरत पड़ने पर उसे दोबारा ग्रिड में उपलब्ध कराना है, जिससे बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर और विश्वसनीय बन सके।

यह CO2 बैटरी पारंपरिक लिथियम-आयन बैटरियों से अलग तकनीक पर काम करती है। अतिरिक्त बिजली का उपयोग करके कार्बन डाइऑक्साइड गैस को संपीड़ित (Compress) किया जाता है और जब बिजली की मांग बढ़ती है, तो उसी गैस को फैलाकर टरबाइन के जरिए फिर से बिजली उत्पन्न की जाती है। कंपनी का दावा है कि इस तकनीक में महंगे और सीमित खनिजों की आवश्यकता नहीं होती, जिससे बड़े पैमाने पर ऊर्जा भंडारण अधिक किफायती और टिकाऊ बन सकता है।

यह परियोजना आयरलैंड के उस क्षेत्र में विकसित की जा रही है, जहां पहले पीट-आधारित बिजली संयंत्र संचालित होता था। अब उसी औद्योगिक भूमि को स्वच्छ ऊर्जा केंद्र में बदला जाएगा। परियोजना को भूमि अधिकार, योजना स्वीकृति, ग्रिड कनेक्शन और 10 वर्ष का क्षमता अनुबंध भी मिल चुका है। इसके 2028 तक चालू होने की उम्मीद है, जबकि भविष्य में यहां दूसरी 200 MWh CO2 बैटरी जोड़कर इसे और बड़ा ऊर्जा भंडारण हब बनाया जाएगा।