Heavy damage to power infrastructure due to storm and lightning in Ranchi: रांची में आंधी-तूफान और बिजली गिरने से पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान
सर्च न्यूज: सच के साथ : रांची: रांची जिले में पिछले एक सप्ताह से जारी आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं ने बिजली व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। खराब मौसम के कारण जिलेभर में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है, जबकि झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) की टीमें लगातार मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं।JBVNL अधिकारियों के अनुसार, 28 अप्रैल से शुरू हुए खराब मौसम के दौरान जिले में 100 से अधिक बिजली के पोल और 50 से ज्यादा ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ और बड़ी शाखाएं बिजली तारों पर गिर गईं, जिससे बिजली लाइनें टूट गईं। वहीं कई ट्रांसफॉर्मर बिजली गिरने और शॉर्ट सर्किट की वजह से खराब हो गए।अधिकारियों ने बताया कि बिजली बहाली के लिए विभिन्न इलाकों में आपातकालीन मरम्मत दलों को “युद्ध स्तर” पर तैनात किया गया है। हालांकि लगातार बारिश और बिजली गिरने की आशंका के कारण मरम्मत कार्य में दिक्कतें आ रही हैं और कर्मचारियों की सुरक्षा भी चुनौती बनी हुई है। विभाग द्वारा बिजली लाइनों के आसपास पेड़ों की छंटाई भी कराई जा रही है ताकि आगे होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।लगातार बिजली कटौती से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। शहर के कई इलाकों में लोगों ने लंबे समय तक बिजली नहीं रहने की शिकायत की है। घरों में खाना बनाने, पानी की व्यवस्था और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय लोगों ने बिजली व्यवस्था की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि हर साल मानसून और तूफान के दौरान इसी तरह की समस्याएं सामने आती हैं, बावजूद इसके स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। व्यापारियों और गृहिणियों ने भी लगातार हो रही बिजली कटौती पर नाराजगी जताई है।JBVNL अधिकारियों ने कहा कि तेज तूफान और मरम्मत कार्य के दौरान बिजली आपूर्ति रोकना सुरक्षा के लिहाज से जरूरी होता है ताकि दुर्घटनाओं और करंट लगने जैसी घटनाओं को रोका जा सके। विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान ट्रांसफॉर्मर, बिजली के पोल और टूटे तारों से दूर रहें तथा घरों में सर्ज प्रोटेक्शन डिवाइस और अर्थ लीकेज सर्किट ब्रेकर लगवाएं।विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति एक बार फिर दिखाती है कि बढ़ते चरम मौसम और जलवायु परिवर्तन के बीच शहरी बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर कितनी बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है, खासकर पूर्वी भारत के राज्यों में जहां तेज आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
