May 8, 2026

Ranchi’s ambitious city bus project faces major delay: रांची की महत्वाकांक्षी सिटी बस परियोजना में बड़ा विलंब, इलेक्ट्रिक और डबल-डेकर बस योजना अटकी

IMG-20260508-WA0011

सर्च न्यूज: सच के साथ: झारखंड की राजधानी रांची में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की महत्वाकांक्षी योजना पिछले दो वर्षों से अधिक समय से अटकी हुई है। शहर में 244 नई सिटी बसें, जिनमें इलेक्ट्रिक और डबल-डेकर बसें भी शामिल हैं, शुरू करने की योजना को अब तक जमीन पर नहीं उतारा जा सका है।अधिकारियों के अनुसार, बार-बार टेंडर प्रक्रिया विफल होने और राज्य सरकार द्वारा परियोजना की नीतियों की समीक्षा किए जाने के कारण इस परियोजना में लगातार देरी हो रही है। रांची नगर निगम (RMC) ने पहले 220 डीजल बसें, 19 एयर-कंडीशंड इलेक्ट्रिक बसें और 5 डबल-डेकर बसें शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया था। इन बसों को शहर के प्रमुख इलाकों और आउटर रिंग रोड से जोड़ने वाले 16 विशेष रूटों पर चलाने की योजना थी।इस परियोजना का उद्देश्य रांची की खराब होती सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाना और ऑटो तथा ई-रिक्शा पर बढ़ती निर्भरता को कम करना था। अनुमान के मुताबिक फिलहाल रांची में 25,000 से अधिक ऑटो और लगभग 8,000 ई-रिक्शा चल रहे हैं, जिनमें से कई बिना उचित नियमन और तय किराया व्यवस्था के संचालित हो रहे हैं।योजना के तहत आधुनिक बस स्टॉप, मोबाइल टिकटिंग सिस्टम और रियल-टाइम GPS ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं भी शुरू की जानी थीं। अधिकारियों का मानना था कि इससे ट्रैफिक जाम कम होगा और शहर के तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।हालांकि, सरकार का कहना है कि पहले जारी किए गए टेंडर व्यवहारिक प्रस्ताव आकर्षित करने में असफल रहे, जिसके बाद परियोजना की वित्तीय और परिचालन संरचना की दोबारा समीक्षा की जा रही है। शहरी विकास विभाग के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि परियोजना को अधिक व्यावहारिक और आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाने के लिए कुछ नीतिगत बदलाव किए जा सकते हैं।वर्तमान में रांची में केवल लगभग 24 सिटी बसें ही संचालित हो रही हैं, जबकि कुछ साल पहले यह संख्या करीब 70 थी। यात्रियों ने लंबे समय से भीड़भाड़, अनियमित सेवाओं, खराब रखरखाव और सीमित कनेक्टिविटी को लेकर शिकायतें की हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द मजबूत सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क विकसित नहीं किया गया, तो बढ़ती आबादी और वाहनों के दबाव के कारण रांची को आने वाले वर्षों में ट्रैफिक जाम, प्रदूषण और शहरी परिवहन प्रबंधन की गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

You may have missed