मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इज़राइल ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य रणनीति को मजबूत करने के लिए इराक के पश्चिमी रेगिस्तान में महीनों तक दो गुप्त सैन्य ठिकाने संचालित किए। यह पूरा मामला तब सामने आया जब एक स्थानीय चरवाहे ने रेगिस्तान में संदिग्ध सैन्य गतिविधियां देखीं और इसकी सूचना अधिकारियों को दी। कुछ ही घंटों बाद उसकी मौत हो गई, जिससे अब पूरे घटनाक्रम पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि 29 वर्षीय Awad al-Shammari अपने गांव से सामान लेने निकला था, तभी उसने रेगिस्तान के बीच हेलीकॉप्टर, सैनिक और अस्थायी सैन्य शिविर देखे। उसने कथित तौर पर इसकी जानकारी इराकी सैन्य अधिकारियों को दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लौटते समय उसके वाहन का पीछा हेलीकॉप्टर ने किया और उस पर गोलियां चलाई गईं। बाद में उसकी जली हुई गाड़ी रेगिस्तान में मिली। हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी पक्ष ने इस घटना की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये गुप्त ठिकाने इज़राइल द्वारा ईरान से जुड़े सैन्य अभियानों और निगरानी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे। इराकी अधिकारियों ने भी कम से कम दो संदिग्ध ठिकानों के अस्तित्व की पुष्टि की है। इस खुलासे के बाद इराक की संप्रभुता, क्षेत्रीय सुरक्षा और मध्य पूर्व में बढ़ते गुप्त सैन्य नेटवर्क को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी दूसरे देश की सेना लंबे समय तक किसी राष्ट्र की जमीन पर गुप्त रूप से सक्रिय रही हो, तो यह केवल सुरक्षा का नहीं बल्कि कूटनीतिक संकट का भी बड़ा मामला बन सकता है। फिलहाल इस पूरे मामले ने इज़राइल-ईरान संघर्ष को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।