Jamshedpur News : व्यापारियों ने खटखटाया प्रशासन का दरवाजा, ऑल मार्केट एसोसिएशन ने एडीसी से सैरात बाजार और जेएनएसी के नियमों पर मांगे स्पष्ट जवाब
Jamshedpur : लौहनगरी के व्यापारियों की समस्याओं और बाजारों के संवैधानिक स्वरूप को लेकर ऑल मार्केट एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को एसोसिएशन के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने पूर्वी सिंहभूम के अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीसी) से मुलाकात की और शहर के व्यापारिक हितों से जुड़े सात सूत्री मांग पत्र सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से व्यापारियों ने जमशेदपुर के बाजारों के प्रबंधन, किराए में वृद्धि और प्रशासनिक प्रावधानों पर कई तीखे सवाल खड़े किए हैं।
संवैधानिक स्थिति और 74वें संशोधन पर मांगा स्पष्टीकरण
एसोसिएशन के महासचिव मोहम्मद नसीम अंसारी के नेतृत्व में मिले प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से बुनियादी संवैधानिक सवाल पूछे हैं। ज्ञापन में विशेष रूप से यह मांग की गई है कि भारतीय संविधान के 74वें संशोधन के आलोक में जमशेदपुर की वर्तमान प्रशासनिक स्थिति क्या है, इसे स्पष्ट किया जाए। इसके साथ ही, प्रतिनिधिमंडल ने यह भी पूछा कि जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (JNAC) किन विशिष्ट नियमों और संवैधानिक प्रावधानों के तहत शहर में अपनी गतिविधियों का संचालन कर रही है।
सैरात बाजारों का किराया और टाटा स्टील के साथ अनुबंध पर सवाल
व्यापारियों ने सैरात बाजारों (Sairat Bazaars) से जुड़े पेचीदा मुद्दों को प्रमुखता से एडीसी के समक्ष रखा। एसोसिएशन ने विभिन्न बिंदुओं पर आधिकारिक जवाब की मांग की है। जानना चाहा है कि बाजारों के किराए में की गई हालिया बढ़ोतरी किस नियम या प्रशासनिक आदेश के तहत की गई है? टाटा स्टील और जेएनएसी के बीच सैरात बाजारों के आदान-प्रदान या प्रबंधन के हस्तांतरण की प्रक्रिया किस कानून के अंतर्गत हुई है? वर्तमान में इन सैरात बाजारों की भूमि का वास्तविक कानूनी स्टेटस क्या है?
‘सैरात’ की परिभाषा और आधिकारिक जानकारी की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से यह भी अनुरोध किया है कि ‘सैरात बाजार’ की एक प्रमाणित और आधिकारिक परिभाषा उपलब्ध कराई जाए, ताकि व्यापारियों के बीच व्याप्त भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके। एसोसिएशन का कहना है कि सूचनाओं के अभाव में व्यापारियों को अक्सर प्रशासनिक प्रक्रियाओं को समझने में कठिनाई होती है।
एसोसिएशन ने एडीसी से आग्रह किया है कि इन सभी बिंदुओं पर जल्द से जल्द आधिकारिक और लिखित जानकारी उपलब्ध कराई जाए। व्यापारियों का कहना है कि यदि उनकी शंकाओं का समाधान समय पर नहीं हुआ, तो वे अपनी मांगों को लेकर आगे की रणनीति तैयार करेंगे। इस मुलाकात के दौरान शहर के कई प्रमुख व्यापारी और एसोसिएशन के सदस्य मौजूद थे।

