Jamshedpur breaks down on illegal water RO plant:भूजल संकट के बीच जमशेदपुर में अवैध RO प्लांट्स पर सख्ती, ₹50 हजार जुर्माना और सीलिंग की चेतावनी
सर्च न्यूज: सच के साथ: जमशेदपुर में अवैध रूप से संचालित हो रहे RO पानी प्लांट्स के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जुगसलाई नगर परिषद, जेम्सेडपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (JNAC) और मानगो नगर निगम सहित शहरी निकायों ने भूजल दोहन को नियंत्रित करने और पीने के पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त नियम लागू किए हैं।नई गाइडलाइन के अनुसार बिना अनुमति संचालित किसी भी RO प्लांट पर ₹50,000 का भारी जुर्माना लगाया जाएगा और प्लांट को तत्काल सील कर दिया जाएगा। इसके अलावा जिन इलाकों में जल संकट अधिक है, वहां प्रशासन जरूरत पड़ने पर RO प्लांट्स को अस्थायी रूप से बंद या स्थानांतरित भी कर सकता है।अब सभी संचालकों के लिए वैध रजिस्ट्रेशन और केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (CGWA) से एनओसी लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही आधार कार्ड, कंपनी पंजीकरण प्रमाणपत्र, होल्डिंग रसीद और बिजली बिल जैसे दस्तावेज जमा करने होंगे।भूजल स्तर में लगातार गिरावट को देखते हुए प्रत्येक RO प्लांट परिसर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और रिचार्ज पिट लगाना भी जरूरी कर दिया गया है। प्रशासन के अनुसार बिरसानगर और परसूडीह जैसे क्षेत्रों में पिछले पांच वर्षों में भूजल स्तर 100 से 150 फीट तक नीचे चला गया है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी कई अवैध प्लांट्स द्वारा बिना गुणवत्ता जांच के पानी बेचने पर चिंता जताई है। इसी कारण अब हर तीन महीने में सरकारी या मान्यता प्राप्त लैब से पानी की जांच कराना अनिवार्य होगा।इसके अलावा “डार्क ज़ोन” घोषित इलाकों में नए RO प्लांट्स के लाइसेंस जारी नहीं किए जाएंगे और पुराने संचालकों को भी नए बोरवेल खोदने की अनुमति नहीं मिलेगी। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी प्लांट्स में डिजिटल वाटर मीटर और दैनिक जल निकासी का रिकॉर्ड रखना भी जरूरी होगा।प्रशासन का मानना है कि यह कदम भूजल संरक्षण, सुरक्षित पेयजल और शहर में तेजी से बढ़ रहे अवैध RO कारोबार पर नियंत्रण के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।
