March 18, 2026

Transgender Rights Protest Jamshedpur : ट्रांसजेंडर कानून में बदलाव के विरोध में समुदाय ने जिला प्रशासन से की मुलाकात, आपत्ति जताई, कहा-हस्तक्षेप करे सरकार

Transgender Rights Protest Jamshedpur

Transgender Rights Protest Jamshedpur

Jamshedpur/Jharkhand : ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित संशोधनों को लेकर देशभर में सुलग रही चिंगारी अब जमशेदपुर तक पहुँच गई है। मंगलवार को जमशेदपुर क्वियर सर्कल (JQC) और पूर्वी सिंहभूम के ट्रांसजेंडर समुदाय ने इन बदलावों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। समुदाय के सदस्यों ने जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी गंभीर चिंताओं से अवगत कराया।

“स्व-पहचान हमारा मौलिक अधिकार है”

संगठन के सदस्य शोवीक के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि प्रस्तावित संशोधन ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के बुनियादी अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश हैं। समुदाय के प्रतिनिधियों ने ऐतिहासिक के.एस. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ (2017) मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पुरजोर हवाला दिया। उन्होंने तर्क दिया कि निजता का अधिकार एक मौलिक अधिकार है और किसी व्यक्ति की लैंगिक पहचान उसकी गरिमा तथा व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अभिन्न अंग है, जिसे प्रशासनिक जटिलताओं में नहीं उलझाया जाना चाहिए।

भेदभाव और प्रशासनिक बाधाओं की आशंका

ज्ञापन के माध्यम से यह आशंका जताई गई है कि यदि संशोधनों को लागू किया गया, तो लैंगिक पहचान (Gender Identity) की प्रक्रिया पूरी तरह से बाहरी सत्यापन और प्रशासनिक अधिकारियों पर निर्भर हो जाएगी। इससे ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए पहचान पत्र हासिल करना और बुनियादी सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाना और भी कठिन हो जाएगा। प्रतिनिधियों का मानना है कि इस कदम से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के स्तर पर भेदभाव को और अधिक बढ़ावा मिल सकता है।

राज्य सरकार से हस्तक्षेप की मांग

ट्रांसजेंडर समुदाय ने झारखंड सरकार से विशेष रूप से अपील की है कि वह इस संवदेनशील मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से उठाए। समुदाय की प्रमुख माँगें निम्नलिखित हैं:

  • स्व-पहचान की रक्षा : लैंगिक स्व-पहचान के अधिकार को बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के सुनिश्चित किया जाए।
  • सामाजिक सुरक्षा : राज्य में स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को सशक्त बनाया जाए।
  • संवेदनशीलता प्रशिक्षण : सरकारी विभागों और पुलिस प्रशासन में ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएं।

एकजुटता का संदेश

जमशेदपुर के इस विरोध प्रदर्शन ने स्पष्ट कर दिया है कि समुदाय अब अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए मुखर है। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में समुदाय के लोग उपस्थित थे, जिन्होंने अपनी पहचान और निजता की सुरक्षा के लिए एक सुर में आवाज बुलंद की। स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों को उचित स्तर तक पहुंचाया जाएगा।

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