जमनिया चाल धंसान मामला: विधायक सरयू राय बोले – यह दुर्घटना नहीं‚ हत्या जैसी साजिशधनबाद जिले के बाघमारा क्षेत्र अंतर्गत जमनिया में हुए चाल धंसने की घटना ने न केवल क्षेत्र में सनसनी फैला दी है, बल्कि शासन-प्रशासन की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे को लेकर जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में इस मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाने की तैयारी कर ली है और सदन में नोटिस भी दे दिया है।सरयू राय ने इस हादसे को दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए इसे “जिंदा लोगों को ज़मीन में गाड़ने जैसी साजिश” करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीसीसीएल (Bharat Coking Coal Limited) द्वारा संचालित इस क्षेत्र में अवैध कोयला खनन और कोयला व्यापार ने जड़ें जमा ली हैं, और इसी का परिणाम यह भयावह हादसा है।उन्होंने जानकारी दी कि एनडीआरएफ की टीम बुधवार से घटनास्थल पर मौजूद है, लेकिन उन्हें हाईड्रा और जेसीबी जैसी आवश्यक मशीनें अब तक प्रशासन द्वारा उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि घटनास्थल को पत्थरों और कोयले से भरकर ऊपर ताज़ी मिट्टी की परत डाल दी गई है — मानो साक्ष्य मिटाने की कोशिश हो रही हो।राय ने बताया कि जब वह खुद बुधवार को केसरगढ़ क्षेत्र में घटनास्थल पर पहुंचे, तो पाया कि लगभग 100 वर्गफीट क्षेत्र में ताजा मिट्टी भरी हुई थी। उन्होंने इसे हत्या की साजिश बताते हुए कहा कि दबंगों और खनन माफिया ने इलाके की बैरीकेटिंग कर रखी थी, जिससे पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को दोपहर तक घटनास्थल के पास नहीं जाने दिया जा रहा था।उन्होंने आगे बताया कि आउटसोर्सिंग कोयला खदानों से कोयला उठाने के लिए डिलीवरी ऑर्डर के तहत 1600 रुपये प्रति टन रंगदारी वसूली जाती है। एक स्थानीय कारोबारी चौहान का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि उनका कोयला एक महीने से लोड नहीं किया जा रहा है और एफआईआर कराने पर भी पुलिस सहयोग नहीं कर रही है।
सरयू राय ने यह भी आरोप लगाया कि धनबाद जिले में कई कोक भट्ठों में अवैध रूप से कोयले की खपत हो रही है और इसके पीछे एक दबंग राजनीतिक शख्स है, जिसे पुलिस संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने बीसीसीएल और स्थानीय प्रशासन पर माफिया को प्रत्यक्ष और परोक्ष सहयोग देने का गंभीर आरोप लगाया।उन्होंने बीसीसीएल पर यह भी सवाल उठाया कि आज तक जिन खदानों को खोला और बंद किया गया, उनमें से किसी का भी विधिवत माइनिंग क्लोजर क्यों नहीं किया गया। उन्होंने महानिदेशक (सुरक्षा) की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न लगाया, जो धनबाद में स्थित हैं, फिर भी उन्होंने कभी कोई सख्त कदम क्यों नहीं उठाया।सरयू राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर एक विस्तृत डोजियर सौंपने की भी बात कही है ताकि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच हो सके और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।