Jharkhand Assembly Budget Session 2026 : रामनवमी में डीजे पर प्रतिबंध को लेकर विधानसभा में रार, सदन में भाजपा का जोरदार हंगामा, मार्शलों से धक्का-मुक्की
Ranchi/Jharkhand : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 11वें दिन बुधवार को सदन के भीतर जबरदस्त राजनीतिक गहमागहमी देखने को मिली। हजारीबाग में रामनवमी के जुलूस के दौरान डीजे बजाने पर लगाए गए प्रतिबंध के मुद्दे ने तूल पकड़ लिया, जिससे सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। जहाँ एक ओर विपक्ष ने इसे धार्मिक आस्था पर चोट बताया, वहीं सरकार ने इसे ध्वनि प्रदूषण और नियमों का हवाला देकर जायज ठहराया।
भाजपा विधायकों का वेल में प्रदर्शन, मार्शलों से धक्का-मुक्की
कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने हजारीबाग का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि विशेष त्योहारों पर ही ऐसे प्रतिबंध क्यों लगाए जाते हैं? जायसवाल के समर्थन में भाजपा के कई विधायक तख्तियां लेकर सदन के बीचों-बीच (वेल) में उतर आए।
तख्तियों पर “कोयला, बालू और जमीन की लूट नहीं चलेगी” जैसे नारे लिखे थे। हंगामे को बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रवीन्द्र नाथ महतो ने मार्शलों को हस्तक्षेप करने का निर्देश दिया, जिन्होंने विधायकों के हाथों से तख्तियां ले लीं। सत्ता पक्ष की ओर से कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप भी वेल में पहुंच गए, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
हिंदुस्तानी खतरे में नहीं हैं : संसदीय कार्य मंत्री
डीजे विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने स्पष्ट किया कि इस निर्णय का किसी विशिष्ट धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, “सर्वोच्च न्यायालय और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों के अनुसार रात 10 बजे के बाद डीजे बजाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।” उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि देश में “हिंदुस्तानी” पूरी तरह सुरक्षित हैं और नियमों का पालन सभी के लिए अनिवार्य है।
अबुआ आवास योजना: 4400 करोड़ का प्रावधान, 6 लाख घरों का लक्ष्य
सदन में हंगामे के बीच नीतिगत चर्चा भी हुई। लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू ने राज्य की महत्वाकांक्षी ‘अबुआ आवास योजना’ की प्रगति और पारदर्शिता पर सवाल उठाए।
मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने दिया जवाब
बजट आवंटन : योजना के लिए इस बजट में 4400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
लक्ष्य : इस राशि से 6 लाख लंबित आवासों को पूरा किया जाएगा और नए घर स्वीकृत किए जाएंगे।
केंद्र पर निशाना : मंत्री ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि बढ़ाने के लिए केंद्र को कई बार पत्र लिखा गया, लेकिन वहां से कोई सहयोग नहीं मिला। इसलिए राज्य सरकार अपने दम पर गरीबों को घर दे रही है।
जांच प्रक्रिया : सही लाभुकों के चयन के लिए अब तक 1.5 लाख लोगों का भौतिक सत्यापन किया जा चुका है ताकि भ्रष्टाचार की गुंजाइश न रहे।
विधानसभा अध्यक्ष ने की अपील
काफी देर तक चले गतिरोध के बाद अध्यक्ष डॉ. रवीन्द्र नाथ महतो ने सदस्यों से शालीनता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सदन की गरिमा तभी बनी रहती है जब जनहित के मुद्दों पर बिना किसी व्यवधान के सार्थक चर्चा हो।