सर्च न्यूज: सच के साथ: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 25 मई, 2026 को प्रोजेक्ट भवन में वित्त और वाणिज्यिक कर विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में राज्य की वर्तमान वित्तीय स्थिति और राजस्व संग्रह के लक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य के संसाधनों को मजबूत करने और केंद्र पर निर्भरता कम करने की दिशा में ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान सीएम सोरेन ने राजस्व बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग और विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कई विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण राजस्व संग्रह की गति धीमी हो जाती है, जिसे ठीक करना अनिवार्य है। इसके लिए उन्होंने जिलों में तैनात विभिन्न विभागों के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने वाणिज्यिक कर विभाग में रिक्त पदों और संसाधनों की कमी पर भी चिंता व्यक्त की। बैठक में सामने आया कि विभाग में करीब 125 पद खाली हैं और अधिकारियों के पास पर्याप्त वाहनों की भी कमी है, जिसके लिए सीएम ने जल्द सूची उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही, उन्होंने राज्य के सीएसआर (CSR) फंड के उपयोग में पारदर्शिता लाने के लिए ‘हिमाचल मॉडल’ की तर्ज पर प्रणाली विकसित करने का सुझाव दिया।
इस समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य की विकास योजनाओं और बजट प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना था। हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया कि राज्य के विकास को गति देने, युवाओं को रोजगार मुहैया कराने और जन कल्याणकारी योजनाओं के सफल संचालन के लिए राजस्व प्रबंधन को मजबूत करना आवश्यक है। यह बैठक मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई विभिन्न विभागों की मैराथन समीक्षा श्रृंखला का हिस्सा है।